सिधौली कस्बे में भव्य कलश यात्रा के साथ सात दिवसीय श्रीराम कथा का शुभारंभ

रामनाथ रावत
सिधौली। कस्बे में मंगलवार को सात दिवसीय श्रीराम कथा के शुभारंभ से पूर्व एक भव्य कलश यात्रा निकाली गई। सुबह करीब 10 बजे अलादादपुर स्थित चिंताहरण महादेव मंदिर में विख्यात कथा वक्ता शांतनु जी महाराज और स्थानीय विधायक मनीष रावत द्वारा विधि-विधान से पूजन-अर्चन किया गया, जिसके बाद इस भव्य शोभायात्रा की शुरुआत हुई।
विधायक मनीष रावत अपनी पत्नी के साथ सिर पर श्रीराम कथा की पवित्र पोथी धारण किए हुए थे, वहीं उनके साथ हजारों महिलाएं अपने सिर पर मंगल कलश लेकर चल रही थीं। इस शोभायात्रा में बड़ी संख्या में महिलाओं, कन्याओं और श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया। भगवान के जयकारों और भक्तिमय गीतों से पूरा कस्बा राममय हो गया। सिर पर कलश धारण किए महिलाएं और कन्याएं कस्बे के मिश्रिख रोड से होते हुए पड़ाव मैदान पहुंचीं, जहां यात्रा का समापन हुआ।

यात्रा के समापन के बाद दोपहर करीब 1 बजे मुख्य पड़ाव स्थल पर श्रीराम कथा का विधिवत शुभारंभ हुआ। प्रभु श्रीराम कथा के प्रथम दिन व्यासपीठ से श्रद्धालुओं को निहाल करते हुए प्रख्यात कथावाचक आचार्य शांतनु जी महाराज ने कहा कि भगवान की असीम कृपा से ही मनुष्य सन्मार्ग (सत्य के मार्ग) की ओर प्रेरित होता है। जब तक ईश्वर की अनुकंपा नहीं होती, तब तक मनुष्य को सत्संग और हरि कथा सुनने का सौभाग्य प्राप्त नहीं होता।
कथा के पहले दिन श्रीरामचरितमानस की महिमा पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि रामायण एक कल्पवृक्ष के समान है, जो मनुष्य की सभी आध्यात्मिक इच्छाओं को पूरा करती है। शांतनु महाराज ने माता पार्वती की शंका का समाधान करते हुए भगवान शिव के उस पावन कथन का उल्लेख किया, जिसमें महादेव कहते हैं ईश्वर सगुण और निर्गुण दोनों ही रूपों में इस सृष्टि में विद्यमान हैं। भक्त जिस भाव और रूप में उन्हें पाना चाहता है, करुणामयी प्रभु उसी रूप में अपने भक्त को दर्शन देते हैं।



