कौशल से कारोबार तक : महिलाओं को बैंकिंग योजनाओं और उद्यमिता की दी जानकारी

समग्र चेतना/मधुर मिश्रा
मोहनलालगंज। पाण्डेय कॉम्प्लेक्स, मोहनलालगंज में चल रहे 15 दिवसीय कौशल सुधार प्रशिक्षण कार्यक्रम में रविवार को प्रशिक्षणार्थियों को बैंकिंग योजनाओं, स्वरोजगार के लिए ऋण सुविधाओं और उद्यमिता के गुर बताए गए। प्रशिक्षण का उद्देश्य बालिकाओं और महिलाओं को हुनर के साथ कारोबार की समझ देकर उन्हें आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाना है।
मंडलीय ग्रामोद्योग प्रशिक्षण केंद्र, लखनऊ की ओर से जननायक सुजीत पाण्डेय मेमोरियल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित इस प्रशिक्षण में महिलाओं और बालिकाओं को ब्यूटी पार्लर का रोजगारपरक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रशिक्षण के दौरान उन्हें ब्यूटी पार्लर संचालन से जुड़ी व्यावहारिक जानकारी के साथ स्वरोजगार शुरू करने की प्रक्रिया भी समझाई जा रही है।
कार्यक्रम में बैंक ऑफ महाराष्ट्र की शाखा प्रबंधक भारती मिश्रा ने प्रशिक्षणार्थियों को स्वरोजगार के लिए उपलब्ध ऋण योजनाओं, बैंकिंग सुविधाओं और ऋण प्राप्त करने की प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी व्यवसाय को शुरू करने से पहले उसकी आवश्यकता, लागत और वित्तीय प्रबंधन को समझना जरूरी है।
वहीं राष्ट्रीय युवा पुरस्कार विजेता अवधेश कुमार ने प्रशिक्षणार्थियों को उद्यमिता के विभिन्न पहलुओं से परिचित कराया। उन्होंने कहा कि केवल हुनर सीखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उस हुनर को व्यवसाय में बदलने के लिए सही योजना, निरंतर मेहनत और बेहतर वित्तीय प्रबंधन भी जरूरी है। यदि कौशल के साथ कारोबार की समझ हो तो स्वरोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।
प्रशिक्षणार्थियों ने कहा कि उन्हें ब्यूटी पार्लर से जुड़े कौशल के साथ बैंकिंग और उद्यमिता की जानकारी मिलने से अपना कारोबार शुरू करने का आत्मविश्वास मिला है। प्रशिक्षण के माध्यम से उन्हें रोजगार तलाशने के बजाय स्वरोजगार की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।
आयोजकों के अनुसार प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को रोजगारपरक कौशल से जोड़ना, उन्हें स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करना और आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है।



