
₹1,119 के इश्यू प्राइस के मुकाबले ₹1,358 पर खुले शेयर, निवेशकों को प्रति शेयर ₹239 का शुरुआती लाभ
नई दिल्ली। भारतीय पूंजी बाजार के इतिहास में एक नया अध्याय जुड़ गया है। मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज की डिजिटल एवं दूरसंचार इकाई जियो प्लेटफॉर्म्स लिमिटेड (JPL) ने बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को शेयर बाजार में शानदार शुरुआत की। कंपनी के शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) पर ₹1,358 प्रति शेयर के भाव पर सूचीबद्ध हुए। यह ₹1,119 के इश्यू प्राइस से 21.36 प्रतिशत अधिक है।
इस मजबूत लिस्टिंग से आईपीओ में शेयर आवंटित होने वाले निवेशकों को प्रति शेयर ₹239 का शुरुआती लिस्टिंग लाभ मिला। हालांकि, शेयर बाजार में कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण यह लाभ आगे बढ़ भी सकता है और घट भी सकता है।
शुरुआती कारोबार में ₹1,375 तक पहुंचा शेयर
लिस्टिंग के बाद जियो प्लेटफॉर्म्स के शेयरों में खरीदारी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार के दौरान बीएसई पर शेयर ₹1,375 के स्तर तक पहुंच गया। यह इश्यू प्राइस के मुकाबले लगभग 22.88 प्रतिशत की बढ़त दर्शाता है।
शेयर की मजबूत शुरुआत ने कंपनी के बाजार पूंजीकरण को भी नई ऊंचाई पर पहुंचाया। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, कंपनी का बाजार मूल्यांकन लगभग ₹12.5 लाख करोड़ तक पहुंच गया। इससे भारतीय शेयर बाजार में कंपनी की स्थिति और निवेशकों के बीच उसकी कारोबारी संभावनाओं को लेकर चर्चा तेज हो गई।
₹30,213 करोड़ का आईपीओ चर्चा में
जियो प्लेटफॉर्म्स का आईपीओ ₹30,213 करोड़ का बताया गया है। इसके साथ ही कंपनी के शेयर बाजार में प्रवेश को भारतीय प्राथमिक पूंजी बाजार की बड़ी घटनाओं में शामिल किया जा रहा है। रिलायंस समूह की डिजिटल सेवाओं, दूरसंचार कारोबार और प्रौद्योगिकी क्षेत्र में मौजूदगी के कारण इस आईपीओ पर निवेशकों की विशेष नजर रही।
जियो प्लेटफॉर्म्स की लिस्टिंग से भारतीय शेयर बाजार में डिजिटल और दूरसंचार क्षेत्र की कंपनियों के मूल्यांकन को लेकर भी नई बहस को बल मिल सकता है। निवेशकों के लिए अब कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन, कारोबार की वृद्धि और बाजार में शेयर की कीमतों की स्थिरता पर नजर रखना महत्वपूर्ण होगा।
निवेशकों के लिए अहम बात: लिस्टिंग के दिन मिला प्रीमियम वास्तविक लाभ तभी बनता है, जब निवेशक अपने शेयर बेचकर उस कीमत पर सौदा पूरा कर लें। केवल शेयर की बाजार कीमत बढ़ने से लाभ कागजों पर दिखाई देता है; वास्तविक लाभ बिक्री के बाद ही तय होता है।




