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भ्रष्टाचारियों को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कथन को झूठा बनाता लोक निर्माण विभाग

लखनऊ: शरद पूर्णिमा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भ्रष्टाचार को देश के विकास में बाधा बताते हुए कहा कि भ्रष्टाचार छोटा हो या बड़ा, वो किसी ना किसी का हक छीनता है। ये देश के सामान्य नागरिक को उसके अधिकारों से वंचित करता है। राष्ट्र की प्रगति में बाधक होता है और एक राष्ट्र के रूप में हमारी सामूहिक शक्ति को भी प्रभावित करता है।

उन्होंने कहा कि देश को लूटने वाले कितने भी ताकतवर क्यों न हो हमारी सरकार उसे नही छोड़ती

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इस टिप्पणी पर रूरल बिज़नेस हब के राष्ट्रीय संयोजक इं० गौरव कुमार गुप्ता ने अपने अनुभव को साझा करते हुऐ प्रधानमंत्री को खुला पत्र लिखा है, श्री गुप्ता का मानना है कि बन्द पत्रों का भ्रामक निस्तारण अधिकारियों द्वारा कर दिया जाता है जो सरकारी खाना पूर्ति अभियान का हिस्सा है। अब वह खुला पत्र ही लिखा करेंगे ताकि समाज अपने द्वारा बनाई सरकार और सरकारी तंत्र के क्रिया कलापों से अवगत हो सके।

श्री गुप्ता द्वारा देश के प्रधानमंत्री को लिखा गया खुला पत्र इस प्रकार है।

प्रतिष्ठा में
आदरणीय नरेंद्र मोदी जी
माननीय प्रधानमंत्री महोदय
भारत सरकार

महोदय,
सादर प्रणाम

शरद पूर्णिमा पर आपने भारतवर्ष में कैंसर का रूप ले रहे भ्रष्टाचार पर टिप्पणी करते हुए कहा ” देश लूटने वाले लोग कितने ही ताकतवर क्यों न हो हमारी सरकार उसे नही छोड़ती” जो आपकी प्रतिबद्धता को इंगित करता है कि भारत से भ्रष्टाचार का खात्मा सिर्फ आपकी सरकार ही कर सकती हैं।
परन्तु बड़ी बिडम्बना है कि आपके भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान से 2013 से जुड़ा प्रार्थी लगातार भ्रष्टाचार पर प्रहार दर प्रहार कर रहा है, प्रार्थी ने वर्ष 2014 में हुये बरेली बदायूँ फोर लेन सड़क निर्माण में करोड़ों रुपये के घोटाला को उजागर किया जिस पर प्रार्थी पर घोटालेबाजों द्वारा उत्पीड़न किया गया। प्रार्थी ने जिला स्तर से लेकर आपके सचिवालय तक, कार्यपालिका, विधायिका, न्यायपालिका और माननीय राष्ट्रपति सचिवालय तक निष्पक्ष जांच की गुहार लगाई लेकिन नतीजा ढाक के तीन पात।
उक्त प्रकरण पर भारत सरकार के पूर्व सचिव डॉ० कमल टावरी जी, पूर्व सचिव भारत सरकार – डॉ० बृजेश शुक्ला जी, गुजरात सरकार में पूर्व अधिकारी डॉ० बृज गोपाल सिंह जी, लंदन में प्रवासी भारतीय मुकुट सिंह जी, लोक निर्माण विभाग से सेवानिवृत्त अभियन्ता इं० महेश चंद्र पांडेय जी समेत कई नामचीन व्यक्तियों ने ” अंधकार की व्यवस्था को चुनौती देता एक जुगनू” नामक किताब को लिपिबद्ध किया हैं।
उत्तर प्रदेश लोक निर्माण विभाग ने उक्त घोटालों की जांच में घोटालेबाजों को आरोपमुक्त कर दिया और प्रार्थी के उत्पीड़न की निष्पक्ष जांच हेतु माननीय मुख्यमंत्री का आदेश IGRS संख्या 15153190122473 पोर्टल से गायब कर दिया गया।
जब शासन और प्रशासन के चंद भ्रष्ट लोग भ्रष्टाचारियों को संरक्षित करते रहेंगे तब तक आपके कथन झूठे साबित होते रहेंगे और आपका भ्रष्टाचार मुक्त भारत अभियान असफल होता रहेगा।
वर्तमान में उक्त घोटाले की लोक निर्माण विभाग की जांच आख्या और सीएजी की रिपोर्ट, मुख्य अभियंता के आरोपपत्रों व तमाम साक्ष्यों के आधार पर प्रार्थी की आपत्तियों/टिप्पणियों का मूल्यांकन व निष्पक्ष जांच राज्य सतर्कता आयोग के आदेश पर राज्य सतर्कता अधिष्ठान द्वारा संपादित की जा रही है।
आपसे विनम्र अनुरोध है कि शरद पूर्णिमा के अवसर पर भ्रष्टाचार पर कहे गए वाक्यों के अक्षरसः क्रियान्वयन हेतु संबंधित अधिकारियों को आदेशित करने का कष्ट करें।

उन्होंने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वह अपने कथनों के अक्षरसः क्रियान्वयन कराने में आवश्यक निर्देश दें ताकि जनता में प्रधानमंत्री के लिए अविश्वास पैदा कर रहे भ्रष्ट नेताओं और नेताओं के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्यवाही हो सके।

श्री गुप्ता ने कहा कि भ्रष्टाचार को उजागर करना देश हित में है, इसको रोकने, व्हिसिल ब्लोवर को प्रताड़ित करने और संवैधानिक संस्थाओं के आदेशों में भ्रामक तथ्य देने संबंधित कार्य देशद्रोह की श्रेणी में आने चाहिए ताकि देश और संविधान की गरिमा बनी रहे।

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