कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने की तैयारी, अभिजीत दीपके बोले—सत्ता परिवर्तन नहीं, सीईसी को हटाने की मांग

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के कनॉट प्लेस में शुक्रवार को ‘लहरा दो तिरंगा’ अभियान के तहत राष्ट्रीय ध्वज फहराने की तैयारी कर रहे अभिजीत दीपके ने आधी रात को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपने अभियान का उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का मकसद सत्ता परिवर्तन करना नहीं, बल्कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाकर उनकी जगह किसी अन्य व्यक्ति की नियुक्ति कराना है।
दीपके ने मुख्य चुनाव आयुक्त पर चुनावी प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और फॉर्म-6 में बदलाव किए जाने को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने दावा किया कि इन मामलों में जवाबदेही तय होनी चाहिए। उनका आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ने अपने साथी चुनाव आयुक्तों की असहमति और सुप्रीम कोर्ट की भूमिका की अनदेखी की है। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
‘जवाबदेही मांगना लोकतंत्र में अपराध नहीं’
प्रेस कॉन्फ्रेंस में दीपके ने कहा कि उनकी मांग केवल मुख्य चुनाव आयुक्त को हटाकर किसी दूसरे व्यक्ति को नियुक्त करने तक सीमित है। उन्होंने सवाल उठाया कि चुनावी प्रक्रिया को लेकर जवाबदेही मांगने पर इतना विरोध क्यों हो रहा है। उन्होंने प्रधानमंत्री पर भी निशाना साधते हुए कहा कि लोकतंत्र में संस्थाओं की निष्पक्षता पर सवाल उठाना गलत नहीं होना चाहिए।
उन्होंने अपने अभियान को महात्मा गांधी और डॉ. भीमराव आंबेडकर के विचारों से जोड़ते हुए कहा कि वे शांतिपूर्ण और अहिंसक तरीके से अपनी बात रखना चाहते हैं। दीपके के मुताबिक, राष्ट्रीय ध्वज फहराना देश के नागरिकों का अधिकार है और वे इसी अधिकार के तहत कनॉट प्लेस में तिरंगा फहराने की योजना बना रहे हैं।
दिल्ली पुलिस की सख्ती, वैकल्पिक व्यवस्था का प्रस्ताव
दूसरी ओर, दिल्ली पुलिस ने प्रस्तावित जमावड़े को लेकर लोगों से इसमें शामिल नहीं होने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, संबंधित क्षेत्र में लागू भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 के प्रतिबंधों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। व्यापारियों की चिंताओं और इलाके में शांति व्यवस्था बनाए रखने का हवाला देते हुए पुलिस ने लोगों से कानून का पालन करने को कहा है।
हालांकि, पुलिस ने एक वैकल्पिक रास्ता भी सुझाया है। उसके मुताबिक, तिरंगा ले जाने और राष्ट्रगान गाने के लिए चुनिंदा लोगों के समूह को किसी उपयुक्त स्थान पर सुविधा दी जा सकती है। इसके लिए शर्त रखी गई है कि राष्ट्रीय ध्वज का प्रदर्शन और राष्ट्रगान निर्धारित नियमों के अनुरूप, पूरे सम्मान और गरिमा के साथ किया जाए।
अब शुक्रवार को कनॉट प्लेस में प्रस्तावित कार्यक्रम को लेकर सबकी नजरें प्रशासनिक व्यवस्था और अभियान के आयोजकों के अगले कदम पर टिकी हैं। एक ओर आयोजक इसे लोकतांत्रिक अधिकारों और चुनावी जवाबदेही का मुद्दा बता रहे हैं, तो दूसरी ओर पुलिस कानून-व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दे रही है।




