गुटबंदी फैलाने वालों को हटाकर मिशनरी को मिली कमान, लालाराम अहिरवार बने बुंदेलखंड प्रभारी

जालौन। बहुजन समाज पार्टी ने संगठन में अनुशासन और एकजुटता को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के निर्देश पर संगठनात्मक जिम्मेदारियों में बदलाव करते हुए वरिष्ठ नेता लालाराम अहिरवार और अखिलेश अंबेडकर को झांसी एवं चित्रकूट मंडल का मुख्य मंडल प्रभारी बनाया गया है। इस फैसले के बाद बुंदेलखंड क्षेत्र में बसपा कार्यकर्ताओं के बीच उत्साह का माहौल है।
पार्टी के इस संगठनात्मक फेरबदल को गुटबंदी पर अंकुश लगाने और जमीनी स्तर पर संगठन को मजबूत करने की कवायद के रूप में देखा जा रहा है। नेतृत्व की प्राथमिकता संगठन में अनुशासन बनाए रखने, आपसी खींचतान को समाप्त करने और कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर पार्टी की नीतियों एवं विचारधारा के प्रचार-प्रसार में जुटाने की है।
वरिष्ठ नेता लालाराम अहिरवार को बुंदेलखंड में दोबारा महत्वपूर्ण जिम्मेदारी मिलने से उनके समर्थकों और मिशनरी कार्यकर्ताओं में खासा उत्साह दिखाई दे रहा है। कार्यकर्ताओं ने नेतृत्व के फैसले का स्वागत करते हुए मायावती के प्रति आभार जताया। उनका मानना है कि संगठन के प्रति समर्पित और जमीनी अनुभव रखने वाले नेताओं को जिम्मेदारी मिलने से पार्टी को क्षेत्र में अपनी गतिविधियां तेज करने का अवसर मिलेगा।
स्थानीय कार्यकर्ताओं के अनुसार, नए मंडल प्रभारियों के सामने संगठनात्मक समन्वय बढ़ाने, कार्यकर्ताओं के बीच संवाद मजबूत करने और पार्टी की गतिविधियों को गांव-गांव तक पहुंचाने की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होगी। संगठन में एकजुटता कायम करने के साथ-साथ पुराने कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना और नए लोगों को पार्टी से जोड़ना भी उनकी प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
राजनीतिक दृष्टि से बुंदेलखंड बसपा के लिए महत्वपूर्ण क्षेत्र है। ऐसे में नेतृत्व का यह फैसला आगामी राजनीतिक चुनौतियों के मद्देनजर संगठन को नए सिरे से सक्रिय करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है। अब सभी की निगाहें इस बात पर रहेंगी कि नई जिम्मेदारी मिलने के बाद क्षेत्र में संगठनात्मक गतिविधियों को कितनी गति मिलती है और पार्टी कार्यकर्ताओं की सक्रियता किस स्तर तक बढ़ती है।




