पुलिस अधीक्षक के सख्त तेवर से महकमे में हड़कंप, लापरवाही के आरोप में 2 उपनिरीक्षक समेत 19 पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

जालौन। जनपद में अपराध नियंत्रण और चुस्त-दुरुस्त कानून-व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक सुरेश चंद्र रावत ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। विभिन्न थानों से लगातार मिल रही शिकायतों और कार्य में शिथिलता को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक ने 19 पुलिसकर्मियों पर एक साथ बड़ी दंडात्मक कार्रवाई की है। इस प्रशासनिक सर्जरी के तहत 2 उपनिरीक्षकों, मुख्य आरक्षियों, आरक्षियों और चालकों को तत्काल प्रभाव से उनके तैनाती स्थल से हटाकर पुलिस लाइन संबद्ध (लाइन हाजिर) कर दिया गया है। कप्तान के इस कड़े कदम से पूरे जिले के पुलिस महकमे में खलबली मच गई है।
इस कार्रवाई की जद में कोतवाली समेत जनपद के 14 थानों के पुलिसकर्मी आए हैं। तबादला सूची के अनुसार, नदीगांव थाने से उपनिरीक्षक चेतराम बुन्देला और कैलिया थाने से उपनिरीक्षक संतोष यादव को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके अलावा कोतवाली से मुख्य आरक्षी (268) राघवेंद्र सिंह व मुख्य आरक्षी (369) प्रदीप सेंगर, एट थाने से मुख्य आरक्षी बड़ेलाल, जालौन थाने से मुख्य आरक्षी (185) रवि सिंह और गोहन थाने से मुख्य आरक्षी धीरेंद्र शिवहरे को लाइन हाजिर किया गया है।
वहीं डकोर थाने से आरक्षी धर्मपाल, कोंच से आरक्षी (1421) राहुल सिंह, कालपी से आरक्षी आशीष कुमार, कदौरा से आरक्षी (484) मानस मिश्रा, आटा से आरक्षी लक्ष्मण परिहार, सिरसाकलार से आरक्षी अमित दुबे, माधौगढ़ से आरक्षी (1862) मनीष कुमार शुक्ला तथा रेंढर थाने से आरक्षी ऋषि सिंह व आरक्षी अश्वनी कुमार को पुलिस लाइन भेजा गया है। इसके साथ ही वाहनों के चालकों पर भी गाज गिरी है, जिनमें डकोर से आरक्षी चालक नंद किशोर, एट से आरक्षी चालक अजय कुमार पाल और कदौरा से मुख्य आरक्षी चालक मुकेश पुरोहित शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जनसुनवाई में लापरवाही, अनुशासनहीनता या भ्रष्टाचार किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कर्तव्य में कोताही बरतने वालों पर आगे भी ऐसी ही सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।




