दरी बिछाने वाले हाशिए पर, चाटुकारिता हावी’: शंभू दयाल के बाद पूर्व नगर महामंत्री ने छोड़ा भाजपा का साथ

जालौन। भारतीय जनता पार्टी में असंतोष की आग अब खुलकर सतह पर आने लगी है। पूर्व आईआरएस अधिकारी और वरिष्ठ भाजपा नेता शंभू दयाल के इस्तीफे की गूंज अभी शांत भी नहीं हुई थी कि अब उनके समर्थन में पार्टी के पूर्व नगर महामंत्री कुंवर सिंह यादव ने भी संगठन को अलविदा कह दिया है। उन्होंने सीधे जिलाध्यक्ष को संबोधित करते हुए सोशल मीडिया पर अपने इस्तीफे की घोषणा कर दी।
सोशल मीडिया पोस्ट को ही माना जाए इस्तीफा
कुंवर सिंह यादव ने अपनी पोस्ट के जरिए पार्टी जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित को संबोधित करते हुए दो टूक कहा कि उनकी इस पोस्ट को ही औपचारिक त्यागपत्र समझा जाए। शंभू दयाल को बेहद ईमानदार और सरल स्वभाव का नेता बताते हुए उन्होंने कहा कि ऐसे निष्ठावान व्यक्ति का पार्टी से मोहभंग होना यह साफ दर्शाता है कि भाजपा अपने मूल सिद्धांतों और वैचारिक रास्ते से भटक चुकी है।
संगठन की कार्यप्रणाली पर दागे तीखे सवाल
कुंवर सिंह यादव ने पार्टी के अंदरूनी तंत्र पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि संगठन में सच बोलने और सही राय देने वालों को दरकिनार किया जा रहा है, जबकि चाटुकारिता करने वालों का कद बढ़ाया जा रहा है।
उन्होंने गंभीर आरोप लगाते हुए लिखा: पद, प्रतिष्ठा और तवज्जो केवल उन्हीं लोगों की जेब में है, जो बड़े नेताओं पर पैसा लुटाने का दम रखते हैं। वर्षों से पार्टी का झंडा थामने और दरी बिछाने वाला निष्ठावान कार्यकर्ता आज पूरी तरह उपेक्षित और लाचार है।
बाहर से आने वाले प्रवक्ता जमीनी कार्यकर्ताओं को सिर्फ कायदे-कानून और अनुशासन का पाठ पढ़ाकर चले जाते हैं, जबकि समर्पित कार्यकर्ताओं के हाथ केवल कागजों के पुलिंदे के सिवा कुछ नहीं आता।
जिले की राजनीति में हलचल
इस्तीफे के बाद कुंवर सिंह यादव ने स्पष्ट किया कि उन्होंने संगठन के अंदर जो घुटन और हकीकत महसूस की, बिना किसी लाग-लपेट के उसी दर्द को सार्वजनिक किया है। एक के बाद एक दो वरिष्ठ चेहरों के इस्तीफे से पार्टी कार्यकर्ताओं में बेचैनी बढ़ गई है और संगठन के भीतर आंतरिक गुटबाजी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।




