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बंथरा में बिजली के तार की चपेट में आने से डाला चालक की मौत

समग्र चेतना/ राहुल तिवारी

लखनऊ। बंथरा थाना क्षेत्र में विश्वकर्मा पूजा के दिन बिजली की चपेट में आने से हुई डाला चालक विनोद कुमार रावत की मौत के करीब 24 घंटे बाद तक सक्षम अधिकारी के मौके पर न पहुंचने से नाराज परिजनों ने शुक्रवार को शव का अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया। परिजन मुआवजे और गांव के भीतर से गुजर रही 11 हजार वोल्ट की विद्युत लाइन को हटाकर गांव के बाहर शिफ्ट करने की मांग पर अड़े रहे। सूचना के बाद पहुंची पुलिस ने परिजनों को समझाने का प्रयास किया।लेकिन वह अंतिम संस्कार करने को नहीं तैयार हुए। बाद में अधिकारियों ने उचित मुआवजा और हाई वोल्टेज विद्युत लाइन को गांव से बाहर शिफ्ट करने का आश्वासन दिया।

इसके बाद परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार किया। बताते चले कि बंथरा थाना क्षेत्र के गौरी शंकर खेड़ा निवासी विनोद कुमार रावत (40) विक्रम डाला चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। विश्वकर्मा पूजा के दिन गुरुवार को वह घर के पास सड़क पर 11 हजार वोल्टेज विद्युत लाइन के नीचे अपना डाला धो रहे थे। इसी दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में डाला में करंट उतरने से उसकी चपेट में आकर विनोद गंभीर रूप से झुलस गया था। बाद में परिजन उसे इलाज के लिए अस्पताल ले गए, जहां उसकी मौत हो गई थी।

पोस्टमार्टम के बाद शव घर पहुंचा तो सक्षम अधिकारी के न पहुंचने से नाराज परिजनों ने उसका अंतिम संस्कार करने से रोक दिया।वहीं शुक्रवार को मृतक के घर पर ग्रामीण और रिश्तेदारों की भारी भीड़ इकट्ठा होने के साथ स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद पुलिस पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया। लेकिन वह परिजनों को उचित मुआवजा और बिजली विभाग पर कार्यवाही की मांग को लेकर अड़ गये।

तब सूचना पाकर दोपहर बाद बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और परिवार व ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने उचित मुआवजा दिलाने और उक्त 11 हजार वोल्टेज विद्युत लाइन को गांव से बाहर शिफ्ट करने का आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। बाद में पुलिस की मौजूदगी में गांव के किनारे सरकारी अंत्येष्टि स्थल पर विनोद का अंतिम संस्कार कर दिया गया।

वहीं मौके पर पहुंचे सरोजनीनगर तहसीलदार जेपी सिंह ने परिजनों को ढांढस बंधाते हुए कहा कि शासन-प्रशासन परिवार के साथ है। उन्होंने क्षेत्रीय लेखपाल सत्येंद्र यादव को किसान दुर्घटना बीमा और मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से उचित मुआवजा दिलाने के लिए जल्द रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए।

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