मोबाइल की किश्त वसूली को मजदूर का अपहरण कर बंधक बनाने की घटना में शामिल दो आरोपी गिरफ्तार

(फरार मुख्य आरोपी फील्ड एजेंट शुभम पर 25 हजार का इनाम घोषित)
समग्र चेतना/ मधुर मिश्रा
मोहनलालगंज। मोबाइल की किश्त न जमा कर पाने वाले मजदूर का कथित तौर पर अपहरण कर पांच दिन तक बंधक बनाकर मजदूरी कराने, मारपीट करने और किश्त वसूली के नाम पर जबरन ब्लड निकलवाकर बेचने के मामले में निगोहां पुलिस ने मोबाइल फाइनेंस कंपनी के मैनेजर समेत रिकवरी एजेंट को गुरुवार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि मुख्य आरोपी अभी भी फरार है। डीसीपी दक्षिणी ने फरार आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया है।
डीसीपी मो०मुश्ताक ने बताया निगोहां थाना क्षेत्र निवासी जदुराई ने तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उसके बेटे नेवल कुमार को मोबाइल की किश्त न जमा करने पर आठ सितंबर को स्कूटी से पहुंचे दो रिकवरी एजेंट अपने साथ निगोहां चलने की बात कहकर ले गये थे ओर अपहरण कर पांच दिन तक एक घर में बंधक बनाकर रखा गया और मारपीट करने के साथ जबरन मजदूरी कराई गई। किश्त की रकम वसूलने के लिए उसका एक यूनिट ब्लड भी जबरन निकलवाया गया, जबकि उसके बड़े भाई राजकुमार से 2799 रुपये ऑनलाइन खाते में ट्रांसफर कराये गये। शिकायत की भनक लगने पर आरोपियों ने नेवल को रैपिडो बाइक से थाने भेज दिया।
पीड़िता की शिकायत पर त्वरित कार्यवाही कराते हुये अपहरण, बंधक बनाने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कराकर आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस व सर्विलांस टीमों को लगाया था।जिसके बाद एसीपी आर.के.सिंह के निर्देशन व थाना प्रभारी रवीन्द्र कुमार कनौजिया के नेतृत्व में जांच कर रहे एसएसआई राजेश दीक्षित व उपनिरीक्षक ओम प्रकाश पाण्डे समेत पुलिस टीम ने मोबाइल फाइनेंस करने वाली टीवीएस क्रेडिट सर्विसेज लिमिटेड कम्पनी के मैनेजर सुशान्त शर्मा निवासी राजाजीपुरम, थाना तालकटोरा को गुरूवार को गिरफ्तार किया। पूछताछ में सामने आया कि कंपनी बाइक, मोबाइल समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण फाइनेंस करती है और किश्त न चुका पाने वाले ग्राहकों से वसूली के लिए फील्ड एजेंट लगाए जाते हैं।कम्पनी के एजेंट ने नेवल को करीब 30,500 रुपये का मोबाइल फाइनेंस किया था। किश्त न जमा होने पर मोबाइल की रकम व ब्याज की वसूली के लिए फील्ड एजेंट शुभम सिंह और उसके साथी रिकवरी एजेंट अनिकेत सिंह उर्फ काका निवासीगण उदयगंज थाना हुसैनगंज को लगाया गया था।
आरोप है कि शुभम और अनिकेत कई दिनों तक निगोहां के राजारामखेड़ा गांव में नेवल के घर की रेकी करते रहे। मौका मिलने पर मोबाइल खरीदने वाली दुकान चलने की बात कहकर उसे स्कूटी से अपने साथ ले गये। इसके बाद लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में स्थित एक घर में उसे बंधक बनाकर रखा और मजदूरी कराई। आरोपियों ने दुबग्गा स्थित समाधान चैरिटेबल ब्लड सेंटर ले जाकर उसका एक यूनिट ब्लड निकलवाया और उसे बेच दिया। इसके अलावा उसके बड़े भाई राजकुमार से 2799 रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कराये गये।
पुलिस ने मैनेजर से पूछताछ के बाद आरोपी अनिकेत सिंह उर्फ काका को भी गिरफ्तार कर लिया। डीसीपी ने बताया कि मुख्य आरोपी शुभम सिंह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। उस पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया है। पुलिस ने गिरफ्तार दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
डीसीपी की अपील—किश्त वसूली के नाम पर दबाव बनाने वालों की दें सूचना
डीसीपी दक्षिणी मो० मुश्ताक ने आमजन से अपील की है कि किसी भी फाइनेंस कंपनी के कर्मचारी अथवा रिकवरी एजेंट द्वारा किश्त वसूली के नाम पर धमकी, मारपीट, जबरन साथ ले जाने, बंधक बनाने या किसी भी तरह का दबाव बनाया जाता है तो इसकी सूचना तत्काल नजदीकी पुलिस थाने अथवा पुलिस को दें। उन्होंने कहा कि बकाया किश्त की वसूली के लिए किसी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने का अधिकार नहीं है। शिकायत मिलने पर पुलिस मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी।




