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बंथरा पुलिस से परेशान अपनी पीड़ा बताते हुए रो पड़े रामपाल रावत

लखनऊ! बंथरा थाना क्षेत्र के कुरौनी के निवासी रामपाल रावत अपनी पीड़ा बताते हुए रो पड़े। उन्होंने बताया कि बीते सितंबर माह की शनिवार को मेरी पत्नी पुष्पा रावत गांव के ही कप्तान पुत्र हरी राम के साथ चली गई थी। पुष्पा रावत के खाते में अभी हाल ही में 7 लाख रूपये अपने अकाउंट से ट्रांसफर किया था। उन पैसों के साथ घर से चंपत हो गई। वही पीड़ित रामपाल अपना प्रार्थना पत्र लेकर थाने के चक्कर काट रहा।

काफी दिन के बाद बंथरा निरीक्षक ने पीड़ित का मुकदमा गुमशुदगी जैसी सूचना में लिख दिया। जबकि पीड़ित ने अपने प्रार्थना पत्र में गांव के ही कप्तान पुत्र हरिराम के साथ जाने की बात लिखी थी। पीड़ित का पुत्र कुलदीप इस बात को अपने पिता से बताई थी। वही इंस्पेक्टर केनिर्देशन मे पुलिस ने पीड़ित का प्रार्थना पत्र ना लिखकर के अपनी मनगढ़ंत कहानी लिख डाली। रामपाल बताते हैं कि पुष्पा रावत से जन्मे 7 बच्चे हैं। जिनके नाम और उम्र क्रमश: अंजलि 16 वर्ष, रजनी 14 वर्ष, राधा 12 वर्ष, कुलदीप 11 वर्ष, शैलजा 9 वर्ष, प्रदीप 6 वर्ष, संदीप 4 वर्ष का है। इन सब बच्चो को छोड़कर वह मेरे घर से भाग गई है। पुष्पा घर की मालकिन थी पैसा उसी के खाते में हमने अभी कुछ दिन पहले ही डाला था। वर्तमान समय में इन बच्चों का भरण पोषण करने के लिए मेरे पास एक भी पैसा नहीं है। वही दबंग कप्तान पीड़ित के मोबाइल नंबर पर फोन करके जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़ित ने बताया कि पुष्पा रावत हमें जान से मरवाने के लिए किराए के गुंडों को पैसा दे रखा है कभी भी हमारी जान पत्नी के षड्यंत्र के द्वारा ली जा सकती है। बावजूद इसके बंथरा इंस्पेक्टर के नेतृत्व में हमारी मदद नहीं की जा रही है। लेकिन पुलिस लुका छिपी का खेल मेरे साथ जरूर खेल रही है।

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