केजीएमयू के ईएनटी विभाग में कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी मूक बधिर बच्चों के लिए साबित हो रही है वरदान

उक्त सर्जरी के लिए सरकार से फंडिंग की भी सुविधा है उपलब्ध:डॉ रजत जैन
समग्र चेतना/ राहुल तिवारी
लखनऊ। यदि कोई बच्चा सुनने और बोलने में सक्षम न हो और कोई ऐसा इलाज हो जिससे वह सुनने व बोलने लगे तो यह उसके माता पिता के लिए किसी चमत्कार से कम नहीं होगा। लेकिन केजीएमयू के ईएनटी विभाग ने कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के जरिए ये चमत्कार कर दिखाया है। एक य दो नहीं बल्कि पूरे प्रदेश से 100 से अधिक बच्चे इस सफल सर्जरी के जरिए पूरी तरह ठीक हो चुके हैं।
कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी की जानकारी देते हुए ईएनटी विभाग केजीएमयू के प्रो. डॉ रजत जैन ने बताया कि ईएनटी विभाग के एचओडी प्रो. अनुपम मिश्रा के मार्गदर्शन में विभाग में उक्त सर्जरी को सफलता पूर्वक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ बच्चों में मूक बधिर के लक्षण जन्मजात होते हैं ऐसे बच्चों के माता पिता के लिए ये एक बड़ी समस्या होती है ये हर स्तर पर कोशिश करते हैं कि उनका बच्चा किसी तरह सामान्य बच्चे की तरह जीवन जी सके।
ईएनटी विभाग ने कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के जरिए हकीकत में बदलने का प्रयास किया है। उन्होंने बताया कि इसको लेकर जागरूकता की जरूरत ताकि हर जरूरतमंद बच्चे को इसका लाभ मिल सके। उन्होंने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के बाद बच्चे सुन और बोल रहे हैं।
डॉ. जैन ने बताया कि कॉक्लियर इम्प्लांट सर्जरी के लिए सरकार के द्वार फंडिंग की सुविधा भी उपलब्ध है। अब तक 100 से भी ज्यादा बच्चे पूरे प्रदेश से इस सर्जरी का लाभ उठा चुके हैं। उन्होंने बताया कि अगर समय रहते किया यह ऑपरेशन हो तो इसकी सफलता दर 95 प्रतिशत से अधिक रहती है।




