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टीएसी – लोक निर्माण विभाग घोटालों की जांच करने में अक्षम, बन्द कर देना चाहिए

लखनऊ: बरेली बदायूँ फोर लेन सड़क निर्माण कार्य में करोड़ो रूपये का घोटाला किया गया। इस सड़क के निर्माण में पुरानी सड़क से निकाले गए पत्थर को रीसायकल कर नये सड़क निर्माण में इस्तेमाल कर लिया गया और भुगतान नये मटेरियल से बनी सड़क का कर दिया गया जिसको विभागीय अधिकारियों ने आरटीआई के तहत मांगी गयीं सूचनाओं में पुष्ट किया। इस सड़क निर्माण में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार को अंजाम दिया गया, जिसका खुलासा इसी सड़क पर पेटी ठेकेदारी का काम करने वाले इं० गौरव कुमार गुप्ता ने किया। सड़क निर्माण कार्य करने वाले ठेकेदार आगरा की पीएनसी इंफ्राटेक लि० का सम्बंध भाजपा के पूर्व प्रदेश सह कोषाध्यक्ष और आगरा मेयर नवीन जैन से सम्बंध होने के कारण अधिकारियों ने जांच में लीपापोती कर बन्द कर दिया। उच्च न्यायालय में जांच की याचिका दायर होने पर आनन फानन में उत्तर प्रदेश शासन ने जांच को टीएसी को सौप दिया। टीएसी के भ्रष्ट अधिकारियों ने सीएजी की रिपोर्ट, विभागीय अधिकारियों की जांच आख्या को नजरअंदाज कर फर्जी जांच आख्या बनाकर घोटालों के आरोपियों को आरोप मुक्त कर दिया।
टीएसी को बंद करने की मांग पहले भी उठती रही है, पहले कई मामलों में यह संस्था अपना विश्वास खो चुकी है, यह संस्था पूरी तरह से भ्रष्ट अधिकारियों के चुंगल में है। यह संस्था देश की संवैधानिक संस्थाओं को गुमराह करती है, घोटाला मामले की निष्पक्ष जाँच न कर देश का अहित करती है, जो देशद्रोह जैसा है। देश की प्रगति में बाधक है और देश में भ्रष्टाचार को प्रोत्साहन देती है। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश में भ्रामक आख्या देकर गुमराह किया, इस संस्थान को बंद कर देना चाहिए।

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