उत्तर प्रदेशलखनऊ

ग्रामीणों का आरोप- छेड़खानी वाला एंगल समझ से परे, जांच होनी चाहिए

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लखनऊ। रामदास पुर गांव में बाबा राम काली के मामले में बंथरा पुलिस की जल्दबाजी पर सवाल उठ रहे हैं। बाबा पर आरोप तो गंभीर लगे हैं लेकिन ग्रामीणों को इन आरोपों पर यकीन नहीं हो रहा। पिछले करीब 4 सालों से रामदास पुर गांव में कुटिया बनाकर बाबा सावन राम काली सेवा कार्य करते रहे हैं।

इस दौरान उन पर कभी ऐसे गंभीर आरोप नहीं लगे। अचानक उन पर छेड़छाड़ का आरोप ग्रामीणों को पच नहीं रहा। रामदासपुर गाँव के अधिकांश ग्रामीणों ने कहा कि बाबा सावन राम काली जी के पुजारी थे वह 4 साल से नहर के किनारे हनुमान जी के मन्दिर के समीप कुटिया बनाकर रहते थे।

बाबा जी ने आज तक किसी को कुछ भी नहीं कहा वहीं यह भी जानकारी मिली है कि बन्थरा के मवई पड़ियाना और ग्राम चक के कुछ ग्रामीणों ने पुलिस के सामने बाबा को छोड़ देने का भी अनुरोध किया। रामदासपुर गाँव के कुछ ग्रामीणों ने कहा कि बाबा जी के ऊपर जो आरोप लगे हैं वो गलत हैं।

  1. ग्रामीणों का कहना है कि षड्यंत्र के तहत बाबा को फंसाया गया है इस मामले की जांच होनी चाहिए जिसके बाद दूध का दूध और पानी का पानी हो जाएगा। ग्रामीणों के मुताबिक दूसरे पक्ष का इतिहास बहुत अच्छा नहीं रहा है जिस कारण शक की सुई और तेज हो गई ।

 

  1. कुटी के कुछ दूरी पर रह रहे कल्लू रावत की बेटी जिसने छेड़छाड़ का आरोप लगाया है उसकी माँ पहले कच्ची शराब की बिक्री करती थी । ग्रामीणों के मुताबिक रूपा तीन बहनें है रूपा ने ये चौथी सादी की है। घटना वाले दिन रूपा का पति दारू पीकर बाबा से गाली गलौज कर रहा था जिसका विरोध बाबा ने किया न मानने पर हाथा पाई की और बाद में रूपा ने छेड़छाड़ का आरोप लगाया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों पक्षों में मारपीट हुई है यह सच है लेकिन छेड़छाड़ वाला एंगल समझ से परे है इसकी जांच होनी चाहिए।

 

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