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कैबिनेट मंत्री बनें जितिन प्रसाद, योगी की चुनावी नैया लगाएंगे पार


@smagraN Gopal Tiwari

लखीमपुर खीरी – कई दिनों से चल रहीं यूपी मंत्रिमंडल विस्तार की खबरों के बीच रविवार को इस पर विराम लग ही गया। रविवार की देर शाम जितिन प्रसाद समेत कई नेता योगी मंत्रिमंडल में शामिल होंगे। रविवार की शाम शपथ लेने के बाद जितिन प्रसाद यूपी मंत्रिमंडल में शामिल हो जाएंगे।
कांग्रेस पार्टी में अध्यक्ष पद का सोनिया गांधी के विपक्ष में चुनाव लड़ने वाले व कांग्रेस राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी व पी वी नरसिम्हाराव के सलाहकार के बेटे व राहुल गांधी की टीम के गिने जाने वाले कांग्रेस सीडब्ल्यूसी सदस्य जितिन प्रसाद कांग्रेस छोड़कर कुछदिन पहले ही भाजपा में शामिल हुए थे। पिछले वर्ष भी जितिन के भाजपा में शामिल होने की अटकलें लगाई गई थीं, लेकिन बाद में उन्होंने इन अटकलों को खारिज कर दिया था। कांग्रेस पार्टी में मचे जी 23 के नेताओं व अंतर्कलह के बाद जितिन प्रसद ने कुछ महीने पहले ही भाजपा का दामन थामा तो सभी चौंक गए थे। जितिन प्रसाद सबसे पहले शाहजहांपुर से चुनाव जीते थे। इसके बाद उन्हें कांग्रेस ने धौरहरा सीट से चुनाव लड़ाया था। जितिन प्रसाद धौरहरा, कस्ता, मोहम्मदी, महोली और हरगांव विधानसभा क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय रहते हैं। राजनीति के लिहाज से जितिन इन्हीं क्षेत्रो में काम करते रहे हैं। लेकिन ब्राह्मण होने के नाते उनके नाम का प्रभाव अवध के बड़े क्षेत्र और पूर्वांचल के कुछ क्षेत्रों पर भी है।

बाबा साहब की विरासत संभालना जितिन प्रसाद को एक प्रकार की चुनौती थी

2001 में जितिन प्रसाद के पिता जीतेंद्र प्रसाद का निधन हो गया था। जीतेंद्र प्रसाद के निधन के वक्त जितिन प्रसाद पढ़ाई कर रहे थे। उस वक्त मां कांता प्रसाद ने लोकसभा का उपचुनाव लड़ा, लेकिन वह हार गईं। 2001 के बाद पढ़ाई पूरी होने पर जितिन बैंक अफसर बन गए थे। परंतु परिवार की राजनीति विरासत चलाने के लिए वह 2001 में युवक कांग्रेस के सचिव बनाए गए। हालांकि वह पूरी तरह से सक्रिय नहीं हुए थे एक तरीके से उनके लिए एक चुनौती थी । 2004 में लोकसभा का आमचुनाव आ गया। अब जितिन प्रसाद को चुनाव के लिए तैयार किया गया। पूरे शाहजहांपुर ने उन्हें सिर आंखों पर रखा और बम्पर वोटों से उन्हें जिताया। 2008 में जितिन का राजनीतिक कद बढ़ा और केंद्र सरकार में इस्पात राज्य मंत्री बनाया गया। इस दौरान जितिन प्रसाद ने अपने आपको जनता को समर्पित किया

आरक्षण होने पर धौरहरा पहुंचे विकास पुरुष जितिन प्रसाद
2009 में शाहजहांपुर सीट का आरक्षण बदल गया। इसलिए उन्हें पड़ोसी खीरी जिले की धौरहरा सीट से कांग्रेस ने टिकट दिया। वह धौरहरा लोकसभा सीट से 1 लाख 84 हजार 509 वोटों से विजयी भी हुए। इस दौरान धौरहरा क्षेत्र में प्रमुख सड़कों का निर्माण करा कर जितिन प्रसाद ने जनता का मन जीत लिया। उसी वक्त जितिन प्रसाद न मुफ्त गैस कनेक्शन दिलाने का अभियान भी चलाया। गरीबों के छप्परों की जगह टीन की चादरें डलवाईं डॉ श्राफ आई चैरिटी आई हास्पटिल दिल्ली की शाखा का एक बड़ा अस्पताल मोहम्मदी में बनाया शाहजहांपुर में भारती ग्रुप के कई स्कूल संचालित कराए। जितिन प्रसाद 2009 से जनवरी 2011 तक सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय, 19 जनवरी 2011- 28 अक्टूबर 2012 तक पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय तथा 28 अक्टूबर 2012 – मई 2014 तक मानव संशाधन एवं विकास मंत्रालय, यूपीए सरकार में केन्द्रीय राज्यमंत्री रहे धौरहरा में सड़कों का जाल बिछाया इसी क्रम में मोहम्मदी बरवर, गोला शाहजहांपुर पुवायां मार्ग बनवाने के साथ मोहम्मदी में रेलवे लाईन का मुद्दा उठाया। छोटों को स्नेह और बड़ों को सम्मान देना उनके परिवार का हमेशा से संस्कार रहा, जिसे जितिन प्रसाद अब तक वही भूमिका निभा रहे ।

अवध क्षेत्र सहित पुर्वांचल में अपनी अलग पहचान रखते एक ब्राह्मण चेहरे के रूप में जितिन प्रसाद

शाहजहांपुर , लखीमपुर , सीतापुर , हरदोई , लखनऊ , पीलीभीत सहित पुर्वांचल अवध क्षेत्र सहित पुर्वांचल में अपनी अलग पहचान रखते एक ब्राह्मण चेहरे के रूप में जितिन प्रसाद ने पिछले वर्ष ब्राह्मण चेतना परिषद के माध्यम से प्रदेश में ब्राह्मणों की आवाज बुलंद की थी हालांकि जितिन प्रसाद को कैबिनेट मंत्री बनाने पर 2022 के आम चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को बहुत बड़ा फायदा होगा

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