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शिकायत निवारण में Digital India: एक ढोंग

‌केंद्र की मोदी सरकार और उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता लाने के लिए कंप्यूटर के उपयोग पर जोर दे रही हैं इस कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर डिजिटल इंडिया प्रोग्राम चलाया जा रहा हैं, केंद्र सरकार के 97 विभाग, उत्तर प्रदेश सरकार के 67 विभाग और गांव सरकार के 29 विभाग कंप्यूटर के माध्यम से संचालित करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार ने प्रशासनिक सुधार और पारदर्शिता के लिए पीजी पोर्टल का निर्माण किया है जो देश के नागरिकों के लिए उनकी शिकायतों को सिंगल विंडो सर्विस प्रदान करता है। इस पब्लिक ग्रीवेंस पोर्टल पर आम आदमी अपनी शिकायतों को दर्ज करा कर माननीय प्रधानमंत्री और संबंधित अधिकारियों को भेज सकता हैं जिसके बाद उस शिकायत को संबंधित विभाग में कार्यवाही के लिए भेज दिया जाता है ठीक इसी प्रकार उत्तर प्रदेश शासन ने आइजीआरएस पोर्टल का निर्माण किया है इस पोर्टल के माध्यम से आम जन अपनी शिकायतों व सुझावों को संबंधित विभाग को दे सकता है जिसके उपरांत वह शिकायत सुझाव संबंधित विभाग को कार्यवाही हेतु भेजता है।
‌इसी तरह जिला स्तर से लेकर राष्ट्रपति सचिवालय तक पत्रों के आदान प्रदान करने के लिए ईमेल आईडी बनाई गई है ताकि पारदर्शी और कम खर्चे में आमजन तक सूचनाओं को भेजा जा सकें और उनकी शिकायतें मिलने पर कार्यवाही हो सके। लेकिन बिडम्बना यह है कि गाँव स्तर से लेकर राष्ट्रपति सचिवालय तक डिजिटल इंडिया अभियान धराशायी होता नजर आता है, अधिकतर विभाग व आयोग के जो ईमेल पता उनकी वेबसाइट पर अंकित है या तो काम नही कर रही या उनको खोला ही नही जाता है और जिनको खोला जाता है उनमें कुछ ही शिकायतों का जवाब दिया जाता है अधिकतर को ऐसे ही छोड़ दिया जाता है राज्य सरकार और केंद्र सरकार का दायित्व है कि वह आमजन की हर समस्या का समाधान करें और प्रत्येक पत्र का जवाब दें लेकिन कर्मचारी और अधिकारी ऐसा करने से गुरेज करते हैं अपनी जिम्मेदारी से बचते हैं और केंद्र व राज्य सरकार की मंशा के विपरीत कार्य करते हैं।
‌ प्राविधिक संपरीक्षा कोष्ठ लोक निर्माण विभाग के मुख्य परीक्षक संदीप कुमार ने बताया कि उनके कोष्ठ का ईमेल आईडी है जो सिर्फ विभागीय स्तर पर इस्तेमाल की जाती हैं, अगर किसी आमजन को पत्र व्यवहार करना है तो वह डाक विभाग से या किसी के माध्यम से भेज सकता है।
‌उत्तर प्रदेश राज्य सतर्कता आयोग के अधिकारी ने बताया कि ईमेल पर भेजी शिकायतों व पत्रों पर कार्यवाही होती नही है, डिजिटल माध्यम से भेजी शिकायतों को फर्जी माना जाता हैं।
‌जब सरकारी तंत्र में डिजिटल इंडिया और प्रशासनिक सुधार के नियमों को उपेक्षित किया जाएगा, जनता के पत्रों को फर्जी समझा जाएगा और समय समय पर ईमेल आईडी को बदला जाएगा, सरकारी .nic डोमेन की जगह पर .gmail डोमेन का  इस्तेमाल सरकारी कार्यों में किया जाएगा तो पारदर्शिता और डिजिटल सुरक्षा की बात करना बेमानी हैं: इं० गौरव कुमार गुप्ता

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