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भाजपा सरकार में सड़क का नाम बदलकर करोड़ो के घोटालों की जांच बन्द

लखनऊ: राज्य राजमार्ग 33 खण्ड बरेली बदायूँ सड़क निर्माण में चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण के नाम में 281 करोड़ो रूपये से अधिक का बंदरबांट का आरोप लोक निर्माण विभाग अधिकारियों और ठेकेदार पीएनसी इंफ्राटेक लि० आगरा पर लगा था। आपको बताते चले कि इस हाइवे प्रकरण पर हाइकोर्ट, मुख्यमंत्री सहित राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री कार्यालय ने संज्ञान लिया था। याचिकाकर्ता गौरव कुमार गुप्ता के अनुसार कैग की रिपोर्ट, मुख्य अभियंता अशोक मिश्रा के अरोपपत्रों और केंद्र सरकार व राज्य सरकार के दिशा निर्देश को बायपास कर घोटालों के आरोपियों को क्लीन चिट दिया गया। लोक निर्माण विभाग की फर्जी जांच रिपोर्ट का मूल्यांकन राज्य विजिलेंस विभाग में लंबित है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भेजे गए पत्र के निस्तारण में लोक निर्माण विभाग ने बताया कि वर्तमान में राज्य राजमार्ग 33 अब राष्ट्रीय राजमार्ग 530 बी हो गया है, इसीलिए शिकायत निक्षेपित की  जाती है।

एक बार पढ़ लेते PWD के अनपढ़ अभियंता
अजब गजब: भेजना था विजिलेंस विभाग और भेज दिया लोक निर्माण विभाग
शिकायत का बिना पढ़े निस्तारण आख्या


कैसी विडंबना है कि लोक निर्माण विभाग प्रदेश के देश के प्रधानमंत्री को भी भ्रामक तथ्य भेजता है। इनके इस कृत्य से लगता है कि प्रधानमंत्री कार्यालय से अग्रसारित पत्रों को पढ़ा ही नही जाता और प्रधान सेवक की गरिमा समाप्त करने की शाजिस लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों द्वारा रची जा रही है।

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