बैखोफ चोरों ने परचून की दुकान का शटर तोड़कर तीन लाख की नगदी उड़ाई
बैखोफ चोरो ने परचून की दुकान का शटर तोड़कर तीन लाख की नगदी उड़ाई
मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के फत्तेखेड़ा में परचून की दुकान में हुयी चोरी की घटना के बाद कार्यवाही के लिये पुलिस ने पीड़ित को चौकी से थाने तक दौड़ाया,लिखित शिकायत के बाद भी नही दर्ज किया मुकदमा
समग्र चेतना/ राहुल तिवारी
लखनऊ, मोहनलालगंज। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र के फत्तेखेड़ा गांव में हाईवे किनारे स्थित परचून की दुकान का शटर तोड़कर बेखौफ चोर गुल्लक में जमा करीब ढाई से तीन लाख रुपये की नगदी, 15 हजार रुपये कीमत का पान मसाला और अन्य सामान चोरी कर ले गए। चोरी की वारदात के बाद पीड़ित दुकानदार जब कार्रवाई की उम्मीद लेकर पुलिस चौकी पहुंचा तो उसे थाने जाने की बात कहकर चलता कर दिया गया।
इसके बाद थाने पहुंचने पर भी उसकी लिखित शिकायत लेकर तत्काल मुकदमा दर्ज करने के बजाय जांच का भरोसा देकर टाल दिया गया। पुलिस की इस कार्यशैली को लेकर पीड़ित में नाराजगी है।मोहनलालगंज क्षेत्र के फत्तेखेड़ा निवासी रामप्रताप ने बताया कि गांव में हाईवे किनारे उसकी परचून की दुकान है। शनिवार रात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर अंदर प्रवेश किया और काउंटर में रखी बड़ी गुल्लक तोड़ दी। गुल्लक में जमा करीब ढाई से तीन लाख रुपये की नगदी निकालने के साथ ही चोर करीब 15 हजार रुपये कीमत का पान मसाला और अन्य सामान भी समेट ले गए।इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि परचून की दुकान में चोरी होने की जानकारी मिली है। मामले की जांच कराकर मुकदमा दर्ज किया जाएगा। हाईवे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, जिससे चोरों तक पहुंचने में मदद मिल सके।
चौकी से कोतवाली तक शिकायत के बाद भी नही दर्ज हुआ मुकदमा…….
एक तरफ चोर रात के अंधेरे में दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये की रकम लेकर फरार हो गए, वहीं दूसरी तरफ पीड़ित दुकानदार घटना की रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस चौकी से लेकर कोतवाली तक चक्कर काटता रहा। पीड़ित का कहना है कि वारदात के बाद तत्काल मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू होने की उम्मीद थी, लेकिन पुलिस ने पहले उसे चौकी से थाने भेजा और थाने पहुंचने पर भी कार्रवाई के बजाय जांच का हवाला दिया।
तीन साल से गुल्लक में जमा कर रहा था पाई-पाई….
दुकानदार रामप्रताप ने बताया कि करीब तीन वर्ष पहले उसने एक बड़ी गुल्लक खरीदी थी, जिसे दुकान के काउंटर के अंदर सुरक्षित रखता था। वह रोजाना बिक्री में से 200 से 500 रुपये तक बचाकर गुल्लक में डालता था। धीरे-धीरे इसी तरह रकम बढ़ती गई और वर्तमान में उसमें करीब ढाई से तीन लाख रुपये जमा हो गए थे। चोर उसकी तीन साल की गाढ़ी कमाई पर हाथ साफ कर गए।



