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गाय गोमती और गांव के संसाधन आधारित स्वरोजगार मॉडल करेगा देश का समग्र विकास: डॉ० कमल टावरी, पूर्व सचिव भारत सरकार

रूरल बिज़नेस हब और गार्जियन ऑफ अर्थ एंड ग्लोबल कल्चर की संयुक्त रूप से आयोजित गोष्ठी में समग्र विकास में गाय का योगदान और गौशालाओं की समस्या का निदान पर  डॉ० कमल टावरी ने व्याख्यान दिए।

लखीमपुर खीरी: दो दिवसीय यात्रा की शुरुआत राष्ट्रपति पुरुस्कार से सम्मानित गांव रविन्द्र नगर (मियांपुर कालोनी) में गौशाला निरीक्षण और गोमती नदी के तट पर इमलिया घाट से हुई। गोमती नदी के बायो डाइवर्सिटी को पुनः स्थापित करने पर जोर दिया गया। कार्यक्रम के संयोजक गौरव कुमार गुप्ता और अजय कुमार बाजपई सहित स्थानीय लोगों नदी को जीवित करने के उपाय सुझाये, डॉ टावरी ने गौशाला के कुशल प्रबंधन और गौशाला को आत्मनिर्भर बनाने के सम्बंध में सुझाव दिये। उन्होंने कहा कि गौशाला का निर्माण प्राकृतिक संसाधनों से करना चाहिए जिससे गायों को प्राकृतिक रूप से वह माहौल मिले जिससे उनका विकास प्रकृति के अनुसार हो, मैं बार बार बोलता हूं कि अगर भारत को विश्वगुरु बनाना है तो उसके लिए ग्रास रुट स्तर पर कार्य करने के लिए समावेशी नेतृत्व की खोज कर उनका मार्केटिंग करना पड़ेगा, गाँव को व्यापार का केंद्र बनाना पड़ेगा, अब भाषणबाजी बहुत हो गयी, अपवादियों से सीखकर गांव के संसाधनों पर स्वावलंबी तरीके से उपलब्ध स्वरोजगार कराने पड़ेंगे तभी देश का ही नही पूरे विश्व का समग्र विकास संभव है। अच्छे लोगों को जोड़ो और अ-सरकारी असरकारी स्वावलंबी स्वरोजगारी सलाहकार सेवा का लाभ लेकर कार्य किया जाए।

डॉ० टावरी ने कुम्भी चीनी मिल अतिथि गृह में चीनी मिल के अधिकारियों से बातचीत की और कहा कि लखीमपुर खीरी के गांव में स्वरोजगार सृजन के लिए चीनी मिलों की महती भूमिका हो सकती है, उन्होंने सुझाव दिया कि चीनी मिल के कर्मचारियों को शुभ लाभी अभियान के तहत गांव में स्वरोजगार के लिए अभियान चलाना चाहिए ताकि उन सभी की आय कई गुनी हो सके।

मोहम्मदी नगर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर में आयोजित गोष्ठी में कार्यक्रम के आयोजक रूरल बिज़नेस हब फाउंडेशन इंडिया के संयोजक गौरव कुमार गुप्ता ने  कहा कि गाय के साथ साथ पशुधन का संरक्षण और संवर्धन किये जाने की आवश्यकता है। हर पशु और पक्षियों का समाज के लिए अलग अलग महत्व है। जिन्होंने सरकार के सहायता लेकर या आत्मनिर्भर होकर समाज में ग्रामीण विकास के लिए कुछ कर दिया है उनसे शुभ लाभ के साथ सहयोग लिया जाना चाहिए।  गोष्ठी में आये सभी लोगों से अपील  कि वह उन लोगों का अभिनंदन करें और उनको एक प्लेटफॉर्म दें ताकि प्रतिभा का सम्मान हो, उसका उत्साह बढ़े और देश विश्वगुरु बन सके, उन्होंने कहा कि वह लोगों को उत्साहित कर रहे है, गाँव में धन्धो के प्रति लोगो आकर्षित हो रहे है हमें विश्वास है कि जिस तरह से रूरल बिज़नेस हब काम कर रहा है वह एक न एक दिन जन आंदोलन खड़ा कर देगा। 

अयोध्या से आये IECSME के अध्यक्ष विजय तिवारी, महासचिव लक्ष्मी ठाकुर सिंघल और सचिव सिंह ने भारत को विश्व गुरु बनाने के लिए अपने सुझाव दिये।
इस गोष्ठी में शाहजहांपुर से महेंद्र दुबे, गन्ना शोध संस्थान ने वरिष्ठ वैज्ञानिक अरुण कुमार सिंह, सोलर ऊर्जा के विशेषज्ञ मृगनेंद्र यादव, जिला संयोजक अजय बाजपई, राम प्रताप सिंह, पालननाथ के महंत प्रमोद गिरी, जितेंद्र बाजपई , गन्ना किसान महाविद्यालय के अध्यक्ष हितेंद्र सिंह और सौरभ सिंह आदि ने अपने अपने सुझाव रखे।

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