उत्तर प्रदेशजरूर पढ़ेंधर्मलखनऊविचार / लेखसमग्र समाचारसाक्षात्कार

सम्भल में कवि सम्मेलन

अलोक शर्मा/ समग्र चेतना

सम्भल। सामान्य ज्ञान प्रतियोगिता समिति (भारत) द्वारा आयोजित राष्ट्रीय सद्भावना कवि सम्मेलन में कवि और कवियत्रियों ने अपने काव्य पाठों के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। जबकि काव्यपाठ करने वाले दस कवि और कवियत्रियों को कवि शिरोमणि सम्मान से सम्मानित किया गया।

कवि सम्मेलन की शुरुआत समिति के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरद्वारी लाल गौतम , राष्ट्रीय महासचिव कुसुम, राष्ट्रीय महाप्रबंधक रूबी व राष्ट्रीय संरक्षक सुशील कुमार भगत जी ने माता सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके की। कवि सम्मेलन में आए कवियों ने अपनी कविताओं के माध्यम से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध करके तालियाँ बजाने पर मजबूर कर दिया।

मुरादाबाद से आये कवि संदीप मुदगिल ने दोहे के माध्यम से इस प्रकार व्यंग्य किया कि-

चहूं दिशा में दिख रहे, चोरों के सरदार!
किस को सत्ता सौंप दें,बोलो अब की बार!!
वहीं कवि संदीप सचेत ने मानव देह की नश्वरता पर काव्यपाठ करते हुए कहा कि–
देह पर जो अभिमान तुझे है काम नहीं वह आएगा।
माटी का यह बना घरौंदा माटी में मिल जाएगा ।।
वहीं चंदौसी से आईं कवियत्री डॉ० रीता सिंह ने अपनी कविता मैं भारत हूँ को इस प्रकार पढ़ा-
मैं वेद पुराणों की गाथा
मैं भू का उन्नत सा माथा
मैं गंगा सतलज की धारा
मैं जग की आँखों का तारा ,
मैं राम कृष्ण की धरती की
नित लिखता नयी इबारत हूँ ।
मैं भारत हूँ , मैं भारत हूँ …..

सुजातपुर से आये कवि प्रदीप कुमार दीप ने राजनीति पर तंज कसते हुए कहा कि-
हाथ जोड़ सत्ता खड़ी, पैरों पड़ा विपक्ष।
बता युधिष्ठिर पूछता, कैसे संभव यक्ष।।
कहा युधिष्ठिर ने तभी, सुन लो यक्ष जबाव।
दृश्य जहाँ का यह वहाँ, निश्चित हुए चुनाव।।

कार्यक्रम का.संचालन कर रहे जनपद सम्भल के दिग्गज कवि त्यागी अशोका कृष्णम् ने कहा कि-
हिम्मत को मत हारना, मत बिसराना राम।
दुनिया चाहे कुछ कहे, करते रहना काम।

इसके साथ ही कवि सम्मेलन में मुरादाबाद से आये व्यंग्य कवि विवेक कुमार विश्नोई, हरद्वारी लाल गौतम, कुसुम, रूबी, नाहिद रजा, मन्जू सक्सेना, डॉ किश्वर जहां जैदी, दीक्षा ठाकुर, भारती ठाकुर, अनम मंसूरी, डॉ टेकचंद निर्मल, सागर सिंह, दीपक कुमार गुप्ता, डॉ राजवीर सिंह आदि ने भी देश की वर्तमान स्थिति,देश प्रेम व काव्य सौन्दर्य पर काव्य पाठ के माध्यम से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर ताली बजाने पर मजवूर कर दिया।

कवि संदीप कुमार सचेत, संदीप मुदगिल, प्रदीप कुमार दीप, त्यागी अशोका कृष्णम, डॉ रीता सिंह, मुख्य अतिथि चौधरी किरणपाल सिंह, सम्मेलन के अध्यक्ष व संस्था के राष्ट्रीय संरक्षक सुशील कुमार भगत जी, राष्ट्रीय महासचिव कुसुम व विवेक कुमार विश्नोई आदि को संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष हरद्वारी लाल गौतम, राष्ट्रीय महाप्रबंधक रूबी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष नाहिद रजा, मन्जू सक्सेना, राष्ट्रीय सचिव उपासना शर्मा, चिंकी दिवाकर, साक्षी शर्मा, डॉ राजवीर सिंह, डॉ किश्वर जहां जैदी, दीपक कुमार गुप्ता, इकरा इफ्तेखार , सायमा रानी, मोनिका सरगम, दीक्षा ठाकुर, भारती ठाकुर, सेवानिवृत्त शिक्षक हरिओम ,अनम मंसूरी, हिना मंसूरी, सत्यपाल सिंह त्यागी,नेत्रराम, धर्म सिंह राणा , रनवीर सिंह तथा चन्द्रभान आर्य आदि ने सम्मान पत्र एवं शाल ओढ़ाकर सम्मानित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि ग्राम मन्नीखेड़ा के ग्राम प्रधान चौधरी किरनपाल जी रहे तथा अध्यक्षता सुशीलकुमार भगत जी ने की।
सम्मेलन के अंत में अध्यक्ष हरद्वारी लाल गौतम व महासचिव कुसुम ने सभी का आभार व्यक्त किया।

 

Related Articles

Back to top button
Close