उत्तर प्रदेशपड़ताल

ऐसा मुख्यमंत्री न पहले हुआ और न होगा: साध्वी प्राची

लखनऊ। प्रखर हिंदूवादी नेता साध्वी डॉ. प्राची दीदी ने एक बार फिर मुस्लिमों पर निशाना साधा है। साध्वी प्राची ने कहा ​है कि भारत देश कोई धर्मशाला नहीं है। यहां किसी की मनमर्जी नहीं चलेगी। अब वो दिन चले गए। हर नागरिक को एक कानून के दायरे में लाया जाएगा। साध्वी ने कहा एक समुदाय द्वारा आबादी बढ़ाकर विकास की रेस में दुनियाभर में भारत को पीछे धकेलने की कोशिश हो रही है।

हिन्दुओं के लिए अवसर
जनसंख्या पर नियंत्रण करना जरूरी है। उन्होंने योगी सरकार द्वारा लाए जा रहे जनसंख्या नियंत्रण कानून की खूब प्रशंसा की। साध्वी प्राची ने कहा कि उत्तर प्रदेश की योगी सरकार ही है जो फैसला लेने में देरी नहीं करती है। फिर चाहे उसे कीमत जो भी चुकानी पड़े। योगी आदित्यनाथ की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि ऐसा मुख्यमंत्री न पहले हुआ था और न ही आगे होगा। हिन्दुओं के लिए यह अवसर है, क्योंकि योगी ही उनकी आशाओं के अनुरूप काम कर रहे है और आगे भी करने का हौसला रखते हैं। इसलिए सीएम योगी को पहले से ज्यादा बहुमत से आने वाले विधानसभा चुनाव में जिताना होगा।

हिन्दुओं का दिल जीत लिया
साघ्वी प्राची ने कहा कि भारत देश कोई धर्मशाला नहीं है। जिसकी जितनी मर्जी आए बच्चे पैदा करे। यही लोग आगे चलकर उत्पात मचाते हैं। यूपी के सीएम ने जनसंख्या नियंत्रण कानून की पहल करके न सिर्फ हिंदुओं का दिल जीत लिया है। ​बल्कि देश का भविष्य सुंदर बनाने का काम किया है। साघ्वी ने कहा कि जनसंख्या नियंत्रण,एनआरसी के साथ में यूनीफॉर्म सिविल कोर्ट भी लागू होना चाहिए।

मसौदे को अंतिम रूप जल्द
आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश राज्य विधि आयोग अगले महीने जनसंख्या नियंत्रण कानून का मसौदा योगी सरकार को सौंपने की तैयारी में है। निर्धारित तिथि 19 जुलाई तक उसे 8500 से ज्यादा सुझाव मिले हैं। अब इन सुझावों पर मंथन के बाद मसौदे को अंतिम रूप दिया जाएगा।

समान नागरिकता की भी तैयारी
दिल्ली हाईकोर्ट ने समान नागरिकता को लेकर एक बड़ी बात कही है। दिल्ली हाईकोर्ट ने देश में यूनिफॉर्म सिविल कोड यानि समान नागरिक संहिता की जरूरत पर जोर दिया। तलाक के एक मामले पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने कहा कि देश में यूनिफार्म सिविल कोड की जरूरत है। कोर्ट ने कहा कि देश अब धर्म, जाति, कम्युनिटी से ऊपर उठ चुका है। समान नागरिक संहिता यानी यूनिफॉर्म सिविल कोड का अर्थ होता है भारत में रहने वाले हर नागरिक के लिए एक समान कानून होगा, चाहे वह किसी भी धर्म या जाति का क्यों न हो। समान नागरिक संहिता में शादी, तलाक और जमीन-जायदाद के बंटवारे में सभी धर्मों के लिए एक ही कानून लागू होगा। देखिए देश को ऐसे कानून की जरूरत क्यों पड़ने लगी।

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