अन्ना के सिपाहियों से आम आदमी के सवाल, जवाब चाहिए!

देहरादून। 23 मई, दोपहर 1 बजे, उज्जवल रेस्टोरेंट, देहरादून में टीम अन्ना की प्रेस कॉन्फ्रेंस है। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं। समग्र चेतना ने सवाल उठाए थे कि 2011 के आंदोलन से क्या मिला?
कहां चुके? क्या छूटा? क्या करना है। ऐसे में बहुत सारे बुद्धजीवियों, समाज सेवकों, पत्रकारों ने सवाल किए हैं। वो सब जवाब मांगते हैं। क्या अन्ना टीम के पास जनता के सवालों के जवाब हैं?
क्या हैं सवाल?
अन्ना हजारे जी कहते हैं “मैं रहूं या ना रहूं, मशाल जलती रहनी चाहिए”। 2011 की मशाल से कितनी रोशनी हुई? लोकपाल 2019 में आया, पर CBI आज भी सरकार के पास है। क्या ये वही मशाल थी जो आपने मांगी थी?
2011 में 3 प्रमुख मांगें थीं — लोकायुक्त, सभी कर्मचारी दायरे में, नागरिक चार्टर। 13 साल बाद जमीन पर कितनी लागू हुईं? आप इसे सफलता मानते हैं या अधूरा वादा?
अन्ना जी 2018-2019 में मोदी सरकार के खिलाफ भी अनशन पर बैठे। अगर 2011 का मकसद UPA हटाना था तो अपनी ही लाई हुई सरकार के खिलाफ क्यों बैठना पड़ा?
आलोचक कहते हैं ‘लोकपाल हाथी का दांत था, असली मकसद सत्ता परिवर्तन था’। इस आरोप पर आपका जवाब क्या है? क्या आप मानते हैं कि लाखों लोगों का इस्तेमाल हुआ?
टीम अन्ना टूट गई — केजरीवाल ने पार्टी बनाई, किरण बेदी BJP में गईं, अन्ना गांव लौट गए। आंदोलन से निकले लोग ही अलग रास्ते पर क्यों चले गए? क्या ये आइडियोलॉजी की हार थी?
23 मई को देहरादून में बैठक का मुख्य एजेंडा क्या है? क्या एक नया ‘अन्ना आंदोलन 2.0’ लॉन्च करने की तैयारी है? अगर हां, तो मुद्दा क्या होगा — भ्रष्टाचार, चुनावी बॉन्ड, या कुछ और?
आपका संगठन ‘राष्ट्रीय लोक आंदोलन’ गैर-राजनीतिक है। पर आपकी कार्याध्यक्ष कल्पना इनामदार जी और उपाध्यक्ष भाई कमलानंद जी महाराज मंच पर हैं। भविष्य में चुनाव लड़ने की कोई योजना है?
पोस्टर में लिखा है ‘सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाना’। क्या ये किसान आंदोलन, भारत जोड़ो यात्रा, या CJP जैसे मौजूदा अभियानों से अलग है? आप उनसे कैसे जुड़ेंगे या अलग रहेंगे?
भोपाल सिंह, पीयूष जोशी, जसपाल चौहान – ये कोर कमेटी है। टीम अन्ना 1.0 में केजरीवाल, प्रशांत भूषण, सिसोदिया थे। इस टीम की वैचारिक विश्वसनीयता क्या है? जनता क्यों भरोसा करे?
‘सत्यमेव जयते’ लोगो लगाया है। 2011 में भी यही था। 13 साल बाद सत्य की परिभाषा बदली है या वही है? आज का सबसे बड़ा ‘असत्य’ आप किसे मानते हैं?




