टीम अन्ना ने फिर कसी कमर, देहरादून से राष्ट्रव्यापी संगठन का ऐलान

अधूरे सपने पूरे करने हैं, सोए हुए को जगाना है। देवभूमि से राष्ट्रव्यापी संगठन का ऐलान
देहरादून, 23 मई। 2011 के अन्ना आंदोलन को 14 साल बीतने के बाद ‘राष्ट्रीय लोक आंदोलन न्यास (टीम अन्ना)’ ने आज देहरादून से फिर हुंकार भरी। उत्तरांचल प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में टीम अन्ना ने साफ किया कि “अधूरे सपने लेकर मरना नहीं है, उन्हें पूरा करना है। समग्र चेतना जगाना है, फिर से सृजन होगा।”
‘मशाल जलती रहनी चाहिए’ पर उठे सवाल
प्रेस कॉन्फ्रेंस में 2011 के आंदोलन की विरासत पर तीखे सवाल उठे। पत्रकारों ने पूछा कि अन्ना हजारे जी का कहना है कि “मैं रहूं या ना रहूं, मशाल जलती रहनी चाहिए” के बावजूद 2011 की मशाल से कितनी रोशनी हुई? लोकपाल कानून 2013 में बना, पर पहला लोकपाल 2019 में बैठा। CBI आज भी केंद्र सरकार के अधीन है, जबकि मांग थी कि उसे लोकपाल के नीचे लाया जाए। नागरिक चार्टर और राज्य लोकायुक्त का मुद्दा अधर में है।

कल्पना इनामदार का ऐलान
युद्ध स्तर पर संगठन खड़ा करेंगे। टीम अन्ना की कार्यकारी अध्यक्ष कल्पना इनामदार ने बताया कि अन्ना जी अब 90 वर्ष के हो चुके हैं और स्वास्थ्य कारणों से बाहर नहीं निकल सकते। लेकिन उन्होंने जो चेतना युवाओं में जगाई थी, उसे दोबारा जिंदा करने का बीड़ा टीम ने उठाया है। महाराष्ट्र, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, जम्मू-कश्मीर समेत कई राज्यों में संगठन को खड़ा करने का काम युद्ध स्तर पर चल रहा है। उन्होंने माना कि 2011 की लड़ाई पूरी तरह नहीं जीती जा सकी। सिस्टम में बदलाव का जो सपना था, वो अधूरा रह गया। अब नई टीम उसी सपने को लेकर जमीन पर उतरेगी।
14 साल बाद फिर ‘हिसाब’ की बारी
2011 में 2G, कॉमनवेल्थ और कोयला घोटालों के खिलाफ रामलीला मैदान में लाखों लोग जुटे थे। आंदोलन के बाद देश की राजनीति बदल गई, केंद्र में BJP की सरकार बनी और आंदोलन से निकले अरविंद केजरीवाल ने AAP खड़ी कर दी। लेकिन आलोचक पूछते हैं कि ‘सत्ता तो बदली, व्यवस्था बदली क्या?’ थाने, तहसील और सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार का हाल वही है। इसी ‘हिसाब’ को लेकर टीम अन्ना ने देहरादून से शंखनाद किया है।
क्या होगा आगे का रोडमैप
टीम अन्ना ने संकेत दिए कि देहरादून के बाद अन्य राज्यों में बैठकें होंगी। सामाजिक संगठनों को एक मंच पर लाकर जन-जागरण’ फिर शुरू किया जाएगा। कोर कमेटी ने कहा कि “ये सत्ता परिवर्तन का नहीं, व्यवस्था परिवर्तन का आंदोलन होगा।”
14 साल में बहुत कुछ बदला, पर आम आदमी की लड़ाई वही है। अब आर-पार होगा।” – भोपाल सिंह
कोर कमेटी ने संभाला मोर्चा
बैठक में राष्ट्रीय लोक आंदोलन के राष्ट्रीय सचिव भोपाल सिंह, कुमाऊं मंडल अध्यक्ष पीयूष जोशी और जिलाध्यक्ष देहरादून जसपाल चौहान मौजूद रहे। संगठन की कार्यकारी अध्यक्ष कल्पना इनामदार और उपाध्यक्ष पूर्व आईएएस कमल टावरी उर्फ भाई कमलानंद जी महाराज के नेतृत्व में टीम विस्तार का रोडमैप रखा गया।




