उत्तर प्रदेशब्रेकिंग न्यूज़राज्यलखनऊसमग्र समाचार

राजधानी के ही गांवों में सफेद हाथी साबित हो रही है पीएम की स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना

सरोजनी नगर ब्लॉक के गांवों कूड़ा उठान की व्यवस्था ध्वस्त, कूड़ाघर बना नहीं और बजट की हो गई बंदरबांट, कूड़ा गाड़ी प्रधानों के घर खड़ी खा रही हैं जंग, कूड़े से तालाब को पाट कर हो रहा है कब्जा

समग्र चेतना/ राहुल तिवारी

लखनऊ। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गांवों में साफ सफाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना की शुरुआत की थी इसके लिए करोड़ों के बजट का भी प्रावधान किया गया है ताकि सभी गांवों में घर घर कूड़ा लेने के लिए कूड़ा गाड़ी, कूड़ाघर और सफाईकर्मी उपलब्ध रहें। अफसोस की यूपी में बीजेपी की सरकार होने के बाद भी राजधानी के सरोजनी नगर विकासखंड के ही गांवों में यह योजना सफेद हाथी साबित हो रही है।
लापरवाह ब्लाक के अधिकारियों व जिले के अधिकारियों व ग्राम प्रधानों के कारण प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण योजना को इन जिम्मेदारों ने ठेंगा दिखा दिया है। आलम यह है कि कूड़ा गाड़ी आज तक गांवों में चल नही सकी है और तमाम गाड़ियां जो चलने के बाद बंद हो गई। बाकी खड़ी खड़ी जंग खा रही हैं। रामदासपुर गांव में लगभग 6 माह से कूड़ा गाड़ी प्रधान के घर पर खड़ी हैं और ग्रामीण अब सार्वजनिक तालाब में कूड़ा फेंककर तालाब को पाटने व कब्जा करने में जुट गये हैं लेकिन जिम्मेदारों को इसकी भनक तक नहीं है और वो कुम्भकरणी नींद में सो रहे हैं। इसी तरह से सरोजनीनगर ग्राम सभा तेरवा, सैदपुर पुरही,बरकोता, सांसद आदर्श ग्राम बेंती,भौकापुर,ऐन ,हरौनी सहित दर्जनों गांवों में कूड़ा गाड़ी खड़ी खड़ी जंग खा रही है और अधिकारी कान में उंगली डाले बैठे हैं।

इस सम्बन्ध में जब सहायक विकास अधिकारी पंचायत कौशल कुमार से फोन पर बात की तो उन्होंने बताया कि एन आर एल एम की महिलाओं की बैठक बुलाई गई है इसके अलावा 6 हजार मानदेय में कोई भी व्यक्ति गाड़ी चलाने को भी नहीं तैयार है यही सबसे बड़ी समस्या आ रही है|

Related Articles

Back to top button
Close