बिजली ठेकेदार व मजदूरो पर जानलेवा हमला करने के आरोपी पुलिस की पकड़ से दूर

घटना के 43दिन बाद भी नही हो सकी आरोपियो की गिरफ्तारी,पीड़ित ने अपने स्तर से एक आरोपी की पहचान कर पुलिस को उपलब्ध करायी थी आरोपी की फोटो
समग्र चेतना/ मधुर मिश्रा
मोहनलालगंज। मोहनलालगंज कोतवाली क्षेत्र में रंगदारी न देने पर बिजली ठेकेदार, उसके बुजुर्ग पिता और मजदूरों पर जानलेवा हमला करने वाले चार अज्ञात दबंग 43 दिन बाद भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। घटना के कुछ दिन बाद पीड़ित ठेकेदार ने अपने स्तर से एक आरोपी की फोटो से पहचान कर उसकी तस्वीर पुलिस को उपलब्ध कराते हुए गिरफ्तारी की गुहार लगाई थी, लेकिन इसके बावजूद पुलिस आरोपी तक नहीं पहुंच सकी। पुलिस की कार्यशैली से नाराज पीड़ित ने अब उच्चाधिकारियों से शिकायत करने की बात कही है।
आशियाना के सेक्टर-एम निवासी बिजली ठेकेदार श्वेतांक बाजपेयी के मुताबिक, एक अगस्त की रात करीब 11 बजे वह अपने बुजुर्ग पिता करुणा शंकर बाजपेयी और मजदूर सत्यप्रकाश व शत्रोहनलाल के साथ अतरौली रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित प्लाटिंग साइट की खराब विद्युत लाइन ठीक करने पहुंचे थे। इसी दौरान दो बाइकों पर सवार चार अज्ञात दबंग वहां पहुंच गए और मजदूरों को धमकाते हुए प्लाटिंग साइट पर काम करने के एवज में 50 हजार रुपये की रंगदारी मांगने लगे।
रंगदारी देने से इनकार करने पर एक दबंग ने कमर से तमंचा निकालकर ठेकेदार पर तान दिया, जबकि उसके साथियों ने ठेकेदार के बुजुर्ग पिता और मजदूरों पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। आरोपियों ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा और फिर बाइक से मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की, लेकिन शुरुआत में पुलिस ने जांच की बात कहकर मामला टाल दिया।
इसके बाद पीड़ित ने डीसीपी दक्षिणी मो. मुश्ताक से शिकायत की, जिसके बाद पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ हत्या के प्रयास और रंगदारी मांगने समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया।मुकदमा दर्ज होने के 43 दिन बाद भी आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर पीड़ित ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। उसका कहना है कि एक आरोपी की फोटो से पहचान कर पुलिस को उपलब्ध कराने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई। वहीं इंस्पेक्टर रामबाबू सिंह ने बताया कि अज्ञात आरोपियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम को लगाया गया है।




