संस्कृति, परंपराओं और आस्था के बिना अधूरा है किसी भी क्षेत्र का विकास : राजेश्वर सिंह

सरोजिनी नगर विधायक के द्वारा लगातार कराया जा रहा है विधानसभा क्षेत्र के धार्मिक स्थलों का जीर्णोद्धार व सौन्दीर्यीकरण
समग्र चेतना/ राहुल तिवारी
लखनऊ। किसी भी क्षेत्र का विकास केवल सड़क, बिजली, जल निकासी और आधुनिक आधारभूत संरचना के विस्तार तक सीमित नहीं होता। अपनी संस्कृति, परंपराओं, आस्था और ऐतिहासिक विरासत को सहेजना भी समग्र विकास का महत्वपूर्ण आधार है। इसी सोच के साथ सरोजनीनगर में विकास की यात्रा को सांस्कृतिक और आध्यात्मिक विरासत के संरक्षण से जोड़ते हुए क्षेत्र के मंदिरों और प्रमुख आस्था केंद्रों के सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार तथा श्रद्धालुओं के लिए आवश्यक सुविधाओं के विस्तार का व्यापक अभियान निरंतर आगे बढ़ाया जा रहा है।
सरोजनीनगर विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से अब तक क्षेत्र के 300 से अधिक मंदिरों में CSR के माध्यम से सौंदर्यीकरण एवं विभिन्न सुविधाओं का विस्तार कराया गया है। वहीं क्षेत्र के प्रमुख और प्राचीन आस्था केंद्रों के व्यापक विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए शासन स्तर से करोड़ों रुपये की परियोजनाओं को वित्तीय स्वीकृति भी प्राप्त हुई है तथा संबंधित विभागों के साथ निरंतर समन्वय स्थापित कर विकास कार्यों को प्रभावी एवं समयबद्ध ढंग से धरातल पर उतारा जा रहा है।
डॉ. राजेश्वर सिंह का उद्देश्य मंदिरों के भौतिक स्वरूप को संवारने तक सीमित नहीं है, बल्कि इन आस्था केंद्रों को स्वच्छ, सुव्यवस्थित और सुविधायुक्त बनाने के साथ हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करना तथा आने वाली पीढ़ियों को अपनी परंपराओं और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़े रखना भी है।
*आस्था का सम्मान, विरासत का संरक्षण: सरोजनीनगर में 300+ मंदिरों के कायाकल्प से स्थापित हो रही नई मिसाल*
इसी संकल्प के अंतर्गत सरोजनीनगर विधानसभा क्षेत्र के 300 से अधिक मंदिरों में CSR के माध्यम से सौंदर्यीकरण और मूलभूत सुविधाओं का विस्तार कराया गया है। विभिन्न मंदिर परिसरों में आवश्यकता के अनुरूप हैंडपंप, सोलर लाइट, श्रद्धालुओं के बैठने की व्यवस्था, स्वच्छता संबंधी सुविधाएं, फर्श निर्माण सहित अन्य आवश्यक कार्य कराए गए हैं। इसके अतिरिक्त मंदिरों में रंगाई-पुताई का कार्य कराकर मंदिर परिसरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं सुव्यवस्थित स्वरूप प्रदान किया गया है। इन प्रयासों का उद्देश्य मंदिरों की गरिमा और सुंदरता को बढ़ाने के साथ यहां आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराना है।
धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के संरक्षण को जनसेवा का अभिन्न अंग मानते हुए डॉ. राजेश्वर सिंह ने विभिन्न सुविधाओं का विस्तार कराया है। आस्था और व्यक्तिगत समर्पण के इसी क्रम में झाड़ेश्वर महादेव मंदिर में डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा ₹1.11 लाख की धनराशि से 1 किलोग्राम चांदी का मुकुट भी अर्पित किया गया है।
*करोड़ों की परियोजनाओं से संवर रहे प्रमुख आस्था केंद्र*
सरोजनीनगर के प्रमुख एवं प्राचीन धार्मिक स्थलों को संरक्षित करने और श्रद्धालुओं के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की दिशा में शासन स्तर पर भी बड़ी परियोजनाओं को स्वीकृति मिली है। डॉ. राजेश्वर सिंह के प्रयासों से विभिन्न मंदिरों एवं धार्मिक स्थलों के जीर्णोद्धार, सौंदर्यीकरण और विकास के लिए करोड़ों रुपये की परियोजनाओं पर कार्य आगे बढ़ रहा है।
इनमें प्रमुख रूप से:
– प्राचीन रेतेश्वर महादेव मंदिर के विकास एवं सौंदर्यीकरण के लिए ₹5.30 करोड़
– हरौनी स्थित झाड़ेश्वर महादेव मंदिर के लिए ₹1.05 करोड़
– परवर पश्चिम स्थित श्री महादेव जल साईं नाथ शिवधाम महादेवन मंदिर के लिए ₹98 लाख
– कबीर पंथी दाता साई संत आश्रम के लिए ₹1 करोड़
– परवर पश्चिम स्थित श्री महादेव झलकारी नाथ मंदिर के लिए ₹98 लाख की वित्तीय स्वीकृति
इन परियोजनाओं के माध्यम से धार्मिक स्थलों की मूल संरचना और सांस्कृतिक स्वरूप को संरक्षित रखते हुए उन्हें अधिक सुव्यवस्थित, सुंदर और श्रद्धालु-अनुकूल बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
*अनवरत जारी ‘राम रथ’ के बाद अब सरोजनीनगर से प्रारंभ होगा ‘श्याम रथ’*
सरोजनीनगर के प्रत्येक नागरिक को प्रभु श्रीराम के दिव्य दर्शन कराने के संकल्प के साथ विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा सितम्बर 2022 में प्रारंभ की गई ‘रामरथ श्रवण अयोध्या यात्रा’ के माध्यम से अब तक 62 बार 150 से अधिक निःशुल्क बसों का संचालन कर लगभग 9 हजार श्रद्धालुओं को अयोध्या में प्रभु श्रीरामलला के दर्शन कराए जा चुके हैं। प्रत्येक श्रद्धालु को उनके घर से लाने और दर्शन के उपरांत सकुशल वापस पहुंचाने की सम्मानजनक व्यवस्था के साथ यात्रा के दौरान भोजन, जलपान एवं स्वास्थ्य सेवाओं की समुचित सुविधा भी सुनिश्चित की जाती है।
इतना ही नहीं, डॉ. राजेश्वर सिंह द्वारा 41 सिख श्रद्धालुओं को अमृतसर-करतारपुर साहिब दर्शन यात्रा भी कराई गई। अब ‘राम रथ’ की भांति आस्था और सेवा के अपने संकल्प को आगे बढ़ाते हुए विधायक डॉ. राजेश्वर सिंह आगामी 15 और 30 सितम्बर को सरोजनीनगर के विभिन्न मंडलों से श्रद्धालुओं के लिए ‘श्याम रथ’ का भी शुभारंभ करेंगे। इसके पहले चरण में 120 से अधिक श्रद्धालुओं को खाटू श्याम बाबा के दिव्य दर्शन का सुअवसर प्राप्त होगा।
डॉ. राजेश्वर सिंह का मानना है कि मंदिर केवल पूजा-अर्चना के स्थल नहीं, बल्कि हमारी सभ्यता, संस्कृति, परंपराओं, आध्यात्मिक मूल्यों और सामाजिक चेतना के महत्वपूर्ण केंद्र हैं। इनका संरक्षण वर्तमान की आवश्यकता होने के साथ आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारी जिम्मेदारी भी है।
इसी भावना के साथ सरोजनीनगर में आस्था के केंद्रों के सौंदर्यीकरण, जीर्णोद्धार, संरक्षण और श्रद्धालु सुविधाओं के विस्तार का अभियान निरंतर जारी है। संकल्प है कि क्षेत्र की धार्मिक एवं सांस्कृतिक धरोहरें न केवल संरक्षित रहें, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों, परंपराओं और गौरवशाली विरासत से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनें।



