बहन ने रूढ़िवादिता तोड़ निभाई भाई के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी, दी मुखाग्नि

रामनाथ रावत
महमूदाबाद, सीतापुर। स्थानीय नगर के कुरैशी मार्ग पर रहने वाले एक 55 वर्षीय व्यक्ति की लंबी बीमारी के चलते मौत हो गई। घर में कोई अन्य पुरुष सदस्य न होने के कारण, मृतक की बड़ी बहन ने समाज की रूढ़िवादी परंपराओं को पीछे छोड़ते हुए भाई के अंतिम संस्कार की पूरी जिम्मेदारी उठाई और उसे मुखाग्नि देकर अंतिम विदाई दी। जानकारी के अनुसार, कुरैशी मार्ग निवासी लालू पटवा (55 वर्ष), पुत्र रामकिशन पटवा, एक छोटी सी दुकान चलाकर अपना जीवन यापन करते थे। कुछ वर्ष पूर्व उनकी पत्नी उन्हें छोड़कर चली गई थी, जिसके बाद से वह घर में अकेले ही रहते थे। वह अपने परिवार में इकलौते पुरुष सदस्य थे।
भाई की मृत्यु के बाद जब अंतिम संस्कार के लिए घर में कोई पुरुष सदस्य मौजूद नहीं था, तो उनकी 60 वर्षीय बहन विमला देवी आगे आईं। विमला देवी ने भाई के प्रति अपने कर्तव्यों को निभाया और रमुआपुर स्थित मुक्तिधाम में पूरी विधि-विधान के साथ भाई लालू पटवा की चिता को मुखाग्नि दी।
बहन के इस साहस और समर्पण को देखकर वहां मौजूद हर व्यक्ति की आंख नम हो गई।इस दुखद घड़ी में मनोज श्रीवास्तव, अशोक नाग, देशराज, दिनेश, संजय, राजेश, मुशीर और दीपक सहित कई संभ्रांत नागरिकों ने मुक्तिधाम पहुंचकर मृतक को श्रद्धांजलि अर्पित की और शोक संतप्त बहन को ढांढस बंधाया।




