सिविल न्यायालय की निषेधाज्ञा को दरकिनार कर भूमि पर कब्जा करने का प्रयास व लाखों रुपये की माँग

तहसील व पुलिस के दम पर रंगदारी/धन उगाही का खुलाखेल
समग्र चेतना/ राहुल तिवारी
बिजनौर लखनऊ। तहसील सरोजनीनगर के अर्न्तगत चन्द्रावल निवासी इजहार अली पुत्र स्व० शमशाद अली का गाँव में गाटा सं०-990 रकबा 0.3260 हे० भूमि जो पैतृक एवं पुश्तैनी है,जिसपर विधिवत काबिज एवं आध्यासित है। उक्त भूमि पर ग्राम के ही मो०अशरफ व अन्य द्वारा किये जा रहे अवैध कब्जे में मा० सिविल जज मलिहाबाद के समक्ष पीड़ित द्वारा दायर वाद में अंतरिम निषेधाज्ञा पारित कर थानाध्यक्ष बिजनौर को आदेश का अनुपालन सुनिश्चित करने हेतु निर्देशित किया गया था।
मा० न्यायालीय संरक्षण को दर किनार कर 05 जुलाई 26 की अर्द्धरात्रि में विपक्षी द्वारा जेसीबी से 20-30 फुट लम्बी दीवार तोड़ दिया, जिसे सीसीटीवी कैमरों ने घटना को कैद किया। जिस पर स्थानीय पुलिस द्वारा घटना का संज्ञान नहीं लिया गया, निडरता से की गयी घटना से बढ़े मनोबल से शनिवार को पुनः गाँव के ही अली अहमद व अरुण रावत तहसील के प्रशासनिक अधिकारियों का लाव-लश्कर अपने साथ लाकर,पीड़ित पर मा० न्यायालय के आदेशों की धज्जियाँ उड़ाते हुए दबाव बनाया कि भूमि पर बनी दीवार हटा दें,पीड़ित ने न्यायालय का आदेश दिखाया, जिसपर अली अहमद व अरुण रावत ने धमकाते हुए कहा कि दीवार आज ही हटेगी,रोक पाओ तो रोक लो, तहसील प्रशासन हमारे साथ है,यदि दीवार बचाना चाहते हो तो 20 लाख रुपये दो,नहीं तो मै रावत (पासी) जाति का हूँ मुझे अधिकारियों का संरक्षण प्राप्त है,एसटीएससी का मुकदमा दर्ज करवाकर जेल भिजवा दूँगा। पीड़ित के विरोध करने पर प्रशासनिक अधिकारी मात्र मानसिक दबाव बनाकर वापस चले गये,जबकि थाना पुलिस मौके पर मौजूद न होने से कब्जा करने में सफल नहीं हो पाये ।
पीड़ित व परिवार तहसील प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विपक्षियों को दिये जा रहे संरक्षण से न्यायिक आदेश प्रभावित होने की आपात-स्थित को दृष्टिगत रखते हुए माo मुख्यमंत्री,मुख्य सचिव,प्रमुख सचिव गृह,अध्यक्ष राजस्व परिषद सहित पुलिस के उच्चाधिकारियों व थानाध्यक्ष बिजनौर को शिकायती पत्र/तहरीर देकर, मा० न्यायालय द्वारा पारित अंतरिम निशेधाज्ञा का कड़ाई से अनुपालन किये जाने की त्वरीत विधिक कार्यवाही किये जाने की न्यायहित में अपेक्षा की हैं।



