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भाजपा सरकार अपना चुनावी वादा पूरा कर रही, विपक्ष हताशा में देश बेचनें का आरोप लगा रहा: इं० गौरव कुमार गुप्ता

लखनऊ: केंद्र की भारतीय जनता पार्टी सरकार अपने चुनावी वादों को लेकर गंभीर है 2019 में सरकार बनने के बाद केंद्र की मोदी सरकार देश में घुसपैठियों की समस्या से निपटने के लिए सीएए एनआरसी कानून लेकर आए जिस का रिजल्ट आज अफगानिस्तान से प्रताड़ित होकर आए सिक्ख जैन पारसी हिंदू बौद्ध शरणार्थियों को भारतीय नागरिकता मिलने में आसानी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शपथ ग्रहण के बाद पहले दिन से ही मिनिमम गवर्नमेंट मैक्सिमम गवर्नेंस अर्थात न्यूनतम सरकार अधिकतम शासन के फ़ॉर्मूले पर काम कर रहे है। यह फार्मूला तभी संभव है जब सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता हो और सरकारी हस्तक्षेप कम हो। सरकारी हस्तक्षेप कम करने के लिए देश के विकास हेतु योजनाओं का पीपीपी मॉडल पर क्रियान्वयन हो। सरकार देश के नागरिकों को देश के संसाधनों के सदुपयोग और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए विनिवेश कर रही हैं। विपक्ष को विनिवेश का विरोध ना कर और पारदर्शिता और भ्रष्टाचार मुक्त विनिवेश के लिए सरकार से सवाल पूछना चाहिए जबकि विपक्ष ऐसा करने में नाकाम रहा है। विपक्ष के पास सरकार का विरोध करने के लिए दूरदर्शिता की कमी है जिसके कारण हताश व निराश विपक्ष मनगढ़ंत देश बेचने का आरोप लगाकर विरोध करने का ढोंग कर जनता को गुमराह कर रहा है।

आजकल सूचना विस्फोटक युग में सत्यता देर तक नही छुपती, चंद घंटो में ही विपक्ष का मनगढंत आरोप धराशाही हो जाता है।

केंद्र सरकार को चाहिए कि पंचायतों की निष्प्रयोज्य इमारतों और भूमि को स्थानीय स्तर पर समूहों/संगठनों को पीपीपी मॉडल पर देदें, इस योजना से गांव कस्बों की बेरोजगारी दूर होगी, गांव के संसाधनो का सदुपयोग हो सकेगा और भारत की अर्थव्यवस्था 5 ट्रिलियन से अधिक हो सकेगी।

लेखक इं० गौरव कुमार गुप्ता रूरल बिज़नेस हब फाउंडेशन इंडिया के राष्ट्रीय संयोजक है और वैश्विक स्तर पर गांव के संसाधन आधारित अर्थव्यवस्था सृजन हेतु अभियान चला रहे है।

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