उत्तर प्रदेशलखनऊ

टाटा ने लॉन्च की ‘मेरा गांव मेरा सोलर’ स्कीम, मिलेगी स्पेशल फाइनेंसिंग सुविधा

  • टाटा का घर घर सोलर अभियान,  हर छत बनेगी बिजलीघर
  • तीन साल में तीन लाख घरों को सोलर से जोड़ने का लक्ष्य, गांवों के लिए ‘मेरा गांव, मेरा सोलर’ योजना
डॉ सुयश नारायण
Dr. Suyash Narayan Mishra

समग्र चेतना, लखनऊ (29 मई 2026)। उत्तर प्रदेश को देश का सबसे बड़ा सौर ऊर्जा केंद्र बनाने की दिशा में टाटा पावर सोलर रूफटॉप कंपनी ने आज राजधानी में ‘घर-घर सोलर’ अभियान की शुरुआत की। इस मौके पर कंपनी ने बैटरी ऊर्जा भंडारण समाधान भी पेश किया।

इस पहल का मुख्य उद्देश्य शहरों, कस्बों और गांवों के हर घर तक सौर ऊर्जा पहुंचाना और चौबीस घंटे भरोसेमंद बिजली उपलब्ध कराना है।

क्या है खास इस योजना में

  1. बिना अग्रिम भुगतान शुरुआत कंपनी ने विशेष किश्त योजना शुरू की है। इसके तहत बिना कोई अग्रिम राशि दिए घर की छत पर सौर संयंत्र लगाया जा सकेगा। मासिक किश्त मात्र 697 रुपये से शुरू होगी।

  2. सरकारी सहायता: प्रधानमंत्री सूर्य घर योजना और उत्तर प्रदेश सरकार की सहायता मिलाकर तीन किलोवाट तक के संयंत्र पर 1 लाख 8 हजार रुपये तक की आर्थिक मदद मिलती है।

  3. तीन साल, तीन लाख घर: कंपनी ने अगले तीन सालों में पूरे प्रदेश में तीन लाख घरों की छत पर सौर संयंत्र लगाने का लक्ष्य रखा है। इससे एक हजार मेगावाट बिजली पैदा होगी।

  4. बैटरी से रात में भी उजाला: कंपनी ने पहली बार 5 किलोवाट-घंटा से 50 मेगावाट-घंटा तक की क्षमता वाली बैटरी भंडारण व्यवस्था शुरू की है। इससे दिन में सूरज से बनी बिजली को जमा करके रात में इस्तेमाल किया जा सकेगा।

मेरा गांव, मेरा सोलर’ से गांव-गांव पहुंचेगी रोशनी

गांवों तक सौर ऊर्जा पहुंचाने के लिए कंपनी ने ‘मेरा गांव, मेरा सोलर’ नाम से अलग पहल शुरू की है। इसके लिए उत्तर प्रदेश ग्रामीण बैंक के साथ समझौता किया गया है। कंपनी के प्रमुख डॉ. प्रवीर सिन्हा ने बताया, ‘यदि किसी गांव में 100 घर सौर ऊर्जा से जुड़ जाते हैं, तो उस पूरे समुदाय को कंपनी की सामाजिक जिम्मेदारी के तहत विशेष लाभ दिए जाएंगे। हमारा मकसद गांवों को ऊर्जा के मामले में आत्मनिर्भर बनाना है।’

उत्तर प्रदेश में कंपनी की मौजूदा स्थिति

कंपनी ने बताया कि उत्तर प्रदेश में अब तक 77,068 घरों की छत पर सौर संयंत्र लगाकर 375 मेगावाट बिजली उत्पादन क्षमता हासिल की जा चुकी है। अकेले लखनऊ में 18,743 घरों पर सौर संयंत्र लगे हैं।इससे हर साल 4.5 लाख टन कार्बन धुआं कम हो रहा है। यह 1.87 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

द सेंट्रम होटल में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में समग्र चेतना ने कई सवाल किए,  मिला ये जवाब

सवाल – मार्केट में बहुत सारी सोलर कंपनियां हैं जिनका इंस्टालेशन सस्ता है। ऐसे में ‘मेरा गांव, मेरा सोलर’ में Tata कितना सहभागी होगा?”

जवाब -हम पुरानी और विश्वसनीय कंपनी हैं। पुराना का भरोसा है। हमारा फोकस सिर्फ बेचने पर नहीं, 25 साल सर्विस पर है। सिर्फ शहर तक हैं, मेरा गांव, मेरा सोलर’ के तहत हम हर ब्लॉक में आखिरी गांव तक जाएंगे। कीमत थोड़ी ज्यादा है पर क्वालिटी और आफ्टर-सेल्स में कोई मुकाबला नहीं।

सवाल: टाटा पर भरोसा है पर आपके चैनल पार्टनर नॉन-नोन हैं। आम आदमी कैसे भरोसा करे? स्ट्रक्चर, वायर, अर्थिंग में कंप्रोमाइज तो नहीं?”

जवाब – हर चैनल पार्टनर Tata Power Solar के सर्टिफाइड होते हैं। हम अपने पार्टनर को पूरी किट प्रोवाइड करते हैं हर प्रोजेक्ट की 3-स्टेज ऑडिट होती है – स्ट्रक्चर, अर्थिंग वायर सब मानक के हिसाब से होता है। ऐप पर हर इंस्टॉलेशन की फोटो-वीडियो अपलोड होती है। इसलिए कहीं कोई गड़बड़ी का सवाल नहीं है।

सवाल : टाटा ने पिछले 4-5 वर्षों में जहां सोलर लगाये हैं वहां फीडबैक पर क्या कोई रिसर्च हुई? कैसी शिकायतें आ रही हैं?”

जवाब: शिकायतें ‘सब्सिडी लेट’ पर हैं जो Govt प्रोसेस है। हम सोलर से संबंधित शिकायतों का 48 घंटे में समाधान कर देते हैं।

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