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गोला में कोल्हुओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, जलालपुर–सिकंदराबाद में 100 कोल्हुओं की संयुक्त जांच, 05 को कराया बंद

गोला में कोल्हुओं पर ताबड़तोड़ कार्रवाई, जलालपुर–सिकंदराबाद में 100 कोल्हुओं की संयुक्त जांच, 05 को कराया बंद कोल्हू संचालकों की बैठक में प्रशासन सख्त, एक हफ्ते में सुधार का अल्टीमेटम, अगली जांच में सख्त कार्रवाई तय लखीमपुर खीरी, 18 नवंबर। वायु प्रदूषण रोकने के प्रयासों के तहत पराली जलाने पर नियंत्रण के साथ अब प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाले कोल्हुओं पर भी सख्ती शुरू कर दी है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के आदेश पर मंगलवार को एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने गोला तहसील क्षेत्र के जलालपुर और सिकंदराबाद गांवों में कोल्हुओं पर व्यापक छापेमारी की। सहायक पर्यावरण अभियंता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाण्डसारी निरीक्षक सहित संयुक्त टीम ने 100 कोल्हुओं का निरीक्षण किया। जांच में सामने आया कि अधिकांश कोल्हू डीजल इंजन से संचालित, चिमनियाँ मात्र 4–5 मीटर ऊँची और वेट स्क्रबर जैसी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था पूरी तरह नदारद मिली। इसके कारण चिमनियों से लगातार काला धुआँ और राख उड़ने की शिकायतें सही पाई गईं। साथ ही अधिकांश इकाइयों में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति भी नहीं मिली, जो सीपीसीबी की 13 अगस्त 2019 की गाइडलाइन व वायु अधिनियम 1981 का उल्लंघन है। टीम ने यह भी पाया कि संचालकों ने न तो कोई रजिस्टर, न कोई बोर्ड, और न ही साफ-सफाई का न्यूनतम स्तर बनाए रखा था। राब/गुड़ के कंटेनर गंदे पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर ही लाइसेंस लेने, साफ कंटेनर उपयोग करने और किसी भी प्रकार के रंग/केमिकल को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए। गंभीर कमियों पर 5 कोल्हू तुरंत बंद टीम ने मौके पर ही वसीम अहमद उर्फ़ मुन्ना (जलालपुर), मनोज कुमार (जलालपुर), मोहसीन (जलालपुर), विनीत कुमार (सिकंदराबाद) और कनौजी (सिकंदराबाद) के कोल्हुओं का संचालन बंद करा दिया। ========== कोल्हू संचालकों की बैठक में प्रशासन सख्त, एक हफ्ते में सुधार का अल्टीमेटम, अगली जांच में सख्त कार्रवाई तय हर कोल्हू में वेट स्क्रबर और 10 मीटर चिमनी अनिवार्य : एसडीएम वायु प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को लागू कराने के लिए मंगलवार को तहसील सभागार में एसडीएम गोला प्रतीक्षा त्रिपाठी की अध्यक्षता में कोल्हू संचालकों की बैठक आयोजित हुई। अधिकारियों ने साफ कहा कि हर कोल्हू में वेट स्क्रबर और भूतल से 10 मीटर ऊंची चिमनी अनिवार्य रूप से लगाई जाए। सभी व्यवस्थाएं एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए। एसडीएम ने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में सुधार न होने पर कोल्हू संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। संचालकों ने मानकों को समय पर पूरा करने का भरोसा दिया, जबकि प्रशासन ने भी दो-टूक कह दिया कि अगली जांच में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई और सख्त होगी।

 

 

 

 

 

लखीमपुर खीरी, 18 नवंबर

वायु प्रदूषण रोकने के प्रयासों के तहत पराली जलाने पर नियंत्रण के साथ अब प्रशासन ने प्रदूषण फैलाने वाले कोल्हुओं पर भी सख्ती शुरू कर दी है। डीएम दुर्गा शक्ति नागपाल के आदेश पर मंगलवार को एसडीएम प्रतीक्षा त्रिपाठी के नेतृत्व में प्रशासनिक टीम ने गोला तहसील क्षेत्र के जलालपुर और सिकंदराबाद गांवों में कोल्हुओं पर व्यापक छापेमारी की। सहायक पर्यावरण अभियंता, खाद्य सुरक्षा अधिकारी, खाण्डसारी निरीक्षक सहित संयुक्त टीम ने 100 कोल्हुओं का निरीक्षण किया।

जांच में सामने आया कि अधिकांश कोल्हू डीजल इंजन से संचालित, चिमनियाँ मात्र 4–5 मीटर ऊँची और वेट स्क्रबर जैसी प्रदूषण नियंत्रण व्यवस्था पूरी तरह नदारद मिली। इसके कारण चिमनियों से लगातार काला धुआँ और राख उड़ने की शिकायतें सही पाई गईं। साथ ही अधिकांश इकाइयों में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति भी नहीं मिली, जो सीपीसीबी की 13 अगस्त 2019 की गाइडलाइन व वायु अधिनियम 1981 का उल्लंघन है।

टीम ने यह भी पाया कि संचालकों ने न तो कोई रजिस्टर, न कोई बोर्ड, और न ही साफ-सफाई का न्यूनतम स्तर बनाए रखा था। राब/गुड़ के कंटेनर गंदे पाए गए। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने मौके पर ही लाइसेंस लेने, साफ कंटेनर उपयोग करने और किसी भी प्रकार के रंग/केमिकल को पूर्णतः प्रतिबंधित करने के निर्देश दिए।

गंभीर कमियों पर 5 कोल्हू तुरंत बंद
टीम ने मौके पर ही वसीम अहमद उर्फ़ मुन्ना (जलालपुर), मनोज कुमार (जलालपुर), मोहसीन (जलालपुर), विनीत कुमार (सिकंदराबाद) और कनौजी (सिकंदराबाद) के कोल्हुओं का संचालन बंद करा दिया।

कोल्हू संचालकों की बैठक में प्रशासन सख्त, एक हफ्ते में सुधार का अल्टीमेटम, अगली जांच में सख्त कार्रवाई तय

हर कोल्हू में वेट स्क्रबर और 10 मीटर चिमनी अनिवार्य : एसडीएम
वायु प्रदूषण नियंत्रण के मानकों को लागू कराने के लिए मंगलवार को तहसील सभागार में एसडीएम गोला प्रतीक्षा त्रिपाठी की अध्यक्षता में कोल्हू संचालकों की बैठक आयोजित हुई। अधिकारियों ने साफ कहा कि हर कोल्हू में वेट स्क्रबर और भूतल से 10 मीटर ऊंची चिमनी अनिवार्य रूप से लगाई जाए। सभी व्यवस्थाएं एक सप्ताह के भीतर दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

एसडीएम ने चेतावनी दी कि तय समयसीमा में सुधार न होने पर कोल्हू संचालन पर रोक लगा दी जाएगी। संचालकों ने मानकों को समय पर पूरा करने का भरोसा दिया, जबकि प्रशासन ने भी दो-टूक कह दिया कि अगली जांच में गड़बड़ी मिली तो कार्रवाई और सख्त होगी।

(स्त्रोत – जन सूचना विभाग लखीमपुर खीरी )

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