अधिक से अधिक होनहार बच्चों का अभ्युदय योजना में किया जाए चयन-वेंकटेश्वर लू
एल वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई अभ्युदय योजना की समीक्षा बैठक
सीतापुर। मुख्यमंत्री अभ्युदय योजना की समीक्षा बैठक प्रमुख सचिव परिवहन विभाग एल वेंकटेश्वर लू की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभागार में सम्पन्न हुयी। बैठक के दौरान उन्होंने सभी अधिकारियों को निर्देश दिये कि अभ्युदय योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करते हुये इसकी जानकारी लोगों तक पहुंचायी जाये। इस योजना का क्रियान्वयन तत्परता के साथ किया जाये तथा अधिक से अधिक होनहार बच्चों का चयन किया जाये।
ग्रासरूट तक की प्रतिभा को अभ्युदय तक लाया जाये एवं उनके भविष्य को सफल बनाने के लिए हर सम्भव प्रयास किया जाये। योग्य शिक्षकों के माध्यम से इन छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जाये ताकि वह उच्च पद आदि तक पहुंच सकें। एल वेंकटेश्वर लू ने कहा कि यदि खाली जमीन पड़ी रहेगी तो बबूल उगेंगे, यदि उस जमीन पर पौधे रोपित करेंगे तो बगीचा तैयार होगा, यदि बीजा रोपण करेंगे तो अन्न पैदा होगा। इसी प्रकार से यदि इन बच्चों को ऐसे ही उनकी हालत छोड़ दिया जाये तो वह गलत रास्तों पर भी जा सकते हैं।
ऐसे बच्चे गलत रास्तों पर न जायें इसके लिये हम सबको उनके भविष्य को सभालना है। उन्होंने कहा कि ज्ञान से युक्त, संसाधन से युक्त लोगों को आगे आकर इन बच्चों की सहायता करनी चाहिये तभी हमारे देश की योग्यता को आगे बढ़ाया जा सकेगा। इसके बाद प्रमुख सचिव ने अभ्युदय योजना के छात्र-छात्राओं को टेबलेट एवं प्रमाण-पत्र वितरित करते हुये उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएं भी दी। बैठक के दौरान एडीएम राम भरत तिवारी, सीएमओ डा. मधु गैरोला, डीडीओ हरिशचंद्र प्रजापति, डीएओ हर्ष मवार, बीएसए अजीत कुमार, प्राचार्य आरएमपी पीजी कालेज रजनीकांत, प्रधानाचार्य राजकीय इण्टर कालेज अनूप कुमार तिवारी सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
प्रमुख सचिव ने एआरटीओ को लगाई फटकार
कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम अभ्युदय योजना की समीक्षा बैठक के बाद प्रमुख सचिव मीडिया से रुबरु हुए। इस दौरान मीडियाकर्मियों ने प्रमुख सचिव से रोडवेज बस स्टाप चौराहे से बगैर परिमिट चल रही बसों के बारे में जानकारी दी। जिस पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जाहिर करते हुए एडीएम को जांच के आदेश दिए। इसके बाद जब मीडियाकर्मियों ने बताया कि यही नही सीतापुर से दिल्ली तक भी प्राइवेट बसें बगैर परमिट धल्लडे़ से चल रही है। यह सुनते ही बैठक मे आए परिवहन विभाग के एआरटीओ प्रवर्तन, प्रशासक बंगले झांकने लगे। प्रमुख सचिव ने एआरटीओ को सख्त निर्देश दिए कि अवैध रुप से संचालित वाहनों को तत्काल कार्यवाही के निर्देश दिए।




